बिहार के गया जिले के छोटे से गांव कोठीलवा के किसान लौंगी भूइयां अब किसी पहचान के मोहताज नहीं रह गए हैं, उनको अब देश विदेश में लोग जानते हैं। लोग लौंगी भूइयां को दूसरा दशरथ मांझी भी कह रहे हैं। जिन्होंने अकेले पहाड़ को काटकर रास्ता बना दिया था।
वहीं लौंगी मांझी की 30 साल की मेहनत रंग ला रही है, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार देने की मांग की है। इनसे पहले आनंद महिंद्रा भी लौंगी भूइयां को ट्रेक्टर दे चुके हैं।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी लौंगी से मिलने उनके गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर गांव के स्कूल, अस्पताल और सड़क का नाम लौंगी भूइयां के नाम पर कराने की बात कहीं।
आपको बता दें, जब दशरथ राम मांझी ने पहाड़ काटकर सड़क बना दी थी, तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें अपनी कुर्सी पर बैठाकर एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बना दिया था।