बिहार में मिड-डे मील खाने से हुई 25 बच्चों की मौत के मामले में राज्य के प्रधान सचिव ए के सिन्हा ने कहा कि बच्चों के खाने में तेल की जगह कीटनाशक डाला गया।
सिन्हा ने बताया, 'यह सामान्य फूड प्वॉइजनिंग का मामला नहीं है। बच्चों का खाना बनाते समय बर्तन में तेल की जगह कीटनाशक डल गया था। यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कीटनाशक गलती से डला या जानबूझकर डाला गया।'
उन्होंने कहा कि शुक्रवार तक फोरेंसिक रिपोर्ट आएगी। उसके बाद स्थिति और अच्छी तरह स्पष्ट होगी। मृत बच्चों को पोस्टमॉर्टम करने वालों डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों के खाने में या फिर तेल में जहर मिलाया गया था।
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वहीं, बच्चों की मौत के बाद बिहार सरकार ने गुरूवार को एक विज्ञापन जारी किया। इसमें बच्चों को खाना देने से पहले उसकी गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए गए हैं।
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विज्ञापन में बच्चों को खाना देने से पहले उसकी जांच के लिए प्रिंसिपल और खाने बनाने वाले को चखने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं स्कूलों के निरीक्षण पर जाने वाले पदाधिकारियों को भी निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन को चख कर उसकी जांच करने के आदेश दिए हैं।
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विज्ञापन में प्रधानाध्यापक को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों के भोजन के लिए आने वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण कीटनाशक, खाद आदि के साथ न किया जाए।
गौरतलब है कि मिड डे मील खाने से छपरा में 25 बच्चों की मौत के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षामंत्री पीके शाही पर काफी दबाव बना हुआ है और उनसे इस्तीफे के मांग भी की गई है।