दरभंगा के दिल्ली मोड़ स्थित बस स्टैंड पर शनिवार को वर्चस्व को लेकर दो गुटों में टकराव के बीच दिनदहाड़े फायरिंग हुई। तीन बाइक पर सवार करीब छह अपराधियों ने बुचामन मोड़ के पास चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं और फरार हो गए।
दरभंगा के दिल्ली मोड़ स्थित बस स्टैंड पर शनिवार को वर्चस्व की लड़ाई को लेकर दिनदहाड़े फायरिंग की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। तीन बाइक पर सवार करीब आधा दर्जन अपराधियों ने बस स्टैंड के पास बुचामन मोड़ के समीप चार से पांच राउंड गोलियां दागीं और मौके से फरार हो गए।
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घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फायरिंग के दौरान वहां मौजूद दुकानदारों ने भय के माहौल में अपनी दुकानें बंद कर दीं। सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस को घटनास्थल से एक खोखा बरामद हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरी घटना बस स्टैंड की बंदोबस्ती को लेकर वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है।
घटना के संबंध में ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट रामबाबू साह ने बताया कि जिला प्रशासन को पहले से इस तनाव की सूचना थी। इसी को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड पर पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई थी। बावजूद इसके अपराधियों ने प्रशासनिक व्यवस्था को धता बताते हुए फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, बस स्टैंड की बंदोबस्ती तीन दिन पहले 1 करोड़ 70 लाख रुपये में नए ठेकेदार को सौंपी गई थी, जिससे पुराने ठेकेदारों में आक्रोश था। इसी विवाद को लेकर इस घटना को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है।
सदर थानाध्यक्ष ने बताया कि पूर्व सूचना के आधार पर पुलिस की गश्ती जारी थी। इसी बीच अपराधियों ने मौका देखकर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। गौरतलब है कि इस फायरिंग में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।