गया में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को पुलिस वाहन से जबरदस्ती उतारकर आपबीती सुनाने के लिए मजबूर करने, पहचान उजागर करने, तस्वीरें लेने और वीडियो बनाने वाले राजद नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने राजद के छह नामजद समेत कई अज्ञात नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एफआईआर में बिहार के पूर्व मंत्री व राजद के राष्ट्रीय महासचिव आलोक मेहता, विधायक सुरेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष, प्रदेश व जिले की महिला प्रभाग की अध्यक्ष के नाम शामिल हैं। वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी राजीव मिश्रा के निर्देश पर मेडिकल थाना में एफआईआर दर्ज की गई। इससे पहले मिश्रा ने बताया था कि पुलिस पीड़िता को एएनएमसीएच में मेडिकल जांच के लिए ले जा रही थी। मामले में पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।
बाद में राजद की जांच टीम की अगुवाई करने वाले पूर्व मंत्री आलोक मेहता मीडिया के सवाल पर सफाई देते नजर आए। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने पीड़िता का सम्मान करते हुए उससे और उसके पिता से सारी जानकारी ली है। इस टीम का गठन बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने किया है। पूरे घटनाक्रम पर राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। गया जिले में 14 जून को कुछ हथियारबंद युवकों ने एक व्यक्ति को पेड़ से बांधकर उसकी पत्नी और 15 साल की बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया था।