भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय स्थित अटल सभागार में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार सरकार के मंत्री एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष हरिभूषण ठाकुर बचौल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
'राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर हमेशा स्पष्ट और दृढ़ राय रखी'
मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण और देश की संप्रभुता के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हर देशवासी को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी चिंतक, प्रखर शिक्षाविद् और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले व्यक्तित्व थे। डॉ. जायसवाल ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि बहुत कम उम्र में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बनकर उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया था। स्वतंत्र भारत में भी उन्होंने राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर हमेशा स्पष्ट और दृढ़ राय रखी।