बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आयोग ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी समेत आयोग ने बिहार का दौरा कर तैयारियों की विधिवत समीक्षा भी पूरी कर ली है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए चप्पे-चप्पे पर अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती शुरू हो गई है।
साथ ही मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए वोटरों को प्रोत्साहित करने की भी योजना है। वोटरों को इस बार मतदान के पांच दिन पहले वोट डालने का न्योता आयोग की तरफ से मिलेगा और मॉडल मतदान केंद्रों पर उनके स्वागत के लिए लाल कालीन बिछेगी। इन केंद्रों पर मतदाताओं के लिए चाय-पानी की व्यवस्था की जा रही है।
बाहुबलियों पर शिंकजा कसने की कवायद चुनाव आयोग ने पहले शुरू कर दी थी। इस बार हर गांव में लाइसेंसी हथियारों को थाने में जमा कराने का विशेष अभियान चलाया गया है। जिला रिटर्निंग अफसर को इसके लिए जिम्मेदार बनाया गया है।
अवैध हथियारों को जब्त करने के लिए छापेमारी और सघन तलाशी अभियान जारी है। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक राज्य में तीन हजार से अधिक वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
संप्रदायिकता फैलाने वालों की खैर नहीं
आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। पूर्व उप मुख्यमंत्री लालू यादव और पूर्व उप मुख्य मंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जा चुके हैं।
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक सभी दलों के हर स्टार प्रचारक और वक्ताओं के भाषण की वीडियो रिकार्डिंग कराई जा रही है। आयोग को सूचना मिली है कि कुछ तत्व संप्रदायिकता फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए आयोग खास एहतियात बरत रहा है।
पटना में एक समूह द्वारा ऐसी कोशिश की गई थी। उस मामले में गिरफ्तारी हो चुकी है। समय पर मामले को निस्तारित कर दिया गया। इस चुनाव में धनबल के प्रवाह को रोकने के लिए आयोग ने 38 पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। सूबे को 25 विधानसभा क्षेत्रों को खर्चों के हिसाब से अधिक संवेदनशील घोषित किया गया है। उन क्षेत्रों में हर प्रत्याशी के खर्च पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
बिहार में धनबल से वोटरों को खरीदने और प्रलोभन की कोशिशों की भी शिकायतें आई हैं। इन मामलों की जांच की जा रही हैं। दोषी पाए जाने पर संबधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट के अलावा चौराहों पर भी सघन तलाशी अभियान चल रहा है।
इस क्रम में अवैध तरीके से ले जाये जा रहे धनराशि को पकड़ा गया है। कागजात प्रस्तुत करने पर धनराशि 24 घंटे के अंदर रिलीज कर दी जाती है ताकि सही व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं हो।
चुनाव बहिष्कार की अपीलों पर आयोग सतर्क
नक्सली इलाकों में चुनाव बहिष्कार की अपीलों के पोस्टरों को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। इन इलाकों में पहले भी मतदाता जागरुकता अभियान चलाया गया है।
सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है ताकि भय और दहशत का माहौल न बनाया जा सके। नक्सली इलाकों में पुलिस और बलों को खास एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले चुनावों में कुछ स्थानों पर बारुदी सुरंगों के विस्फोट में सुरक्षा बलों के जावानों की जानें गईं थीं। इस बार मतदान कर्मियों की भी सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।