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Bindeshwar Pathak: पटना वाले आवास पर 4 दिन पहले आए थे, अब पसरा सन्नाटा; जेपी सेनानी बोले- देश को गहरा आघात लगा

Tue, 15 Aug 2023 08:41 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : 4 दिन पहले जब सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक और पद्म भूषण डॉ. बिद्वेश्वर पाठक अपने पटना स्थित आवास पर आए थे तो यहां चहलपहल काफी बढ़ गई थी। अमलालय के बाहर कई गाड़ियां लगी रहती थी लेकिन उनके निधन के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है।
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डॉ. बिंदेश्वर पाठक के साथ डॉ. शंकर प्रसाद (बाएं) और कुमार अनुपम(दाएं) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ. बिंदेश्वर पाठक (80) का निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में ही होगा। उनके चाहने वाले पटना में उनका अंतिम दर्शन करना चाह रहे थे लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। उनके करीबी और जेपी सेनानी ने कहा कि डॉ. पाठक के निधन से देश को गहरा आघात लगा है। पटना के पाटलिपुत्रा कॉलोनी स्थित उनके आवास 'अमलालय' (डॉ. बिंदेश्वर पाठक की पत्नी के नाम पर आवास का नाम रखा गया था) पर मंगलवार शाम सन्नाटा पसरा था। घर में परिजन नहीं दिखे। सुरक्षाकर्मी जरूर तैनात थे। 4 दिन पहले जब डॉ. बिंदेश्वर पाठक यहां आए थे तो किसी ने सोचा नहीं होगा कि अमलालय में वह अंतिम बार आ रहे हैं। उनके आने के बाद परिजन और करीबियों का यहां पर तांता लगा रहा था। काफी हलचल रहती थी। लेकिन, आज पूरा सन्नाटा पसरा रहा। अमलालय के गार्ड जयनंद का कहना है कि चार दिन पहले वह पटना के अमलालय आये थे। दो दिन यहां रुककर वापस दिल्ली चले गए। गार्ड के अनुसार, इस बार वह पत्नी के साथ गुरुद्वारा भी गए थे। पटना के आवास पर वह बहुत कम रहते हैं। वह मुख्यरूप से दिल्ली में ही रहते हैं।

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11 अगस्त को पुस्तक का विमोचन करने आए थे पटना
डॉ. बिंदेश्वर पाठक के करीबी और जेपी सेनानी कुमार अनुपम उन्हें याद करते हुए कहते हैं कि 11 अगस्त को उन्होंने कालिदास रंगालय मे भिखारी ठाकुर पर किरण कांत वर्मा की पुस्तक का विमोचन किया था। 12 अगस्त को डॉ. पाठक पटना साहिब गुरुद्वारा गए। वहां अरदास किया और लोगों से मिले। फिर शिक्षाविद् डॉ. शंकर प्रसाद से मिलने लोहानीपुर आए। गली में गाड़ी का जाना सम्भव नहीं था तो गाड़ी से उतरकर वह गली मे पैदल चलकर डॉ शंकर प्रसाद के अपार्टमेंट मे आए। मैंने उनकी आगवानी की। उन्होंने मेरा हाल चाल वहीं नीचे पूछा। उन्होंने स्मरण किया कि कैसे राष्ट्रीय स्वयम सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के पटना आगमन पर उन्हीं के आवास पर राज्य के चुने हुए वरिष्ठ बुद्धिजीवियों की चिंतन बैठक आयोजित की थी। मैं उन्हें लिफ्ट से ऊपर ले गया। जहां डॉ शंकर प्रसाद का परिवार उनके स्वागत में दरवाजे पर खड़ा था।

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डॉ. बिन्देश्वर पाठक का पटना स्थित आवास। - फोटो : अमर उजाला
जेपी सेनानी बोले- समाज को अपूरणीय क्षति हुई है
जेपी सेनानी कुमार अनुपम ने बताया कि डॉ पाठक चाहते थे कि मैं, सुनील दुबे और ओम प्रकाश पांडे भी 13 अगस्त की फ्लाइट से दिल्ली उनके साथ जाऊं। लेकिन, डॉ शंकर ने कहा कि 13 अगस्त को जी 20 के आयोजन में वह कविता पाठ के लिए आमंत्रित हैं। फिर तय हुआ कि निकट भविष्य में दिल्ली मे एक कवि गोष्ठी का आयोजन होगा। यहां हम सभी डॉ पाठक  के आतिथ्य मे शामिल होंगे। डॉ पाठक जी युग पुरुष कहे जा सकते हैं। उनके निधन से देश को गहरा आघात लगा है। समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।
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