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Bihar : केंद्रीय मंत्री के भाई को बिहार के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ICU में नहीं मिले डॉक्टर, मौत पर हंगामा

Fri, 27 Jan 2023 09:26 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

JLNMCH में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के भाई को हार्ट अटैक के बाद लाया गया, लेकिन ICU में सीनियर डॉक्टर नहीं मिले। दो घंटे बाद मौत हो गई। हंगामा देख दो जूनियर रेजिडेंट को सस्पेंड कर दिया गया। मौत के डेढ़ घंटे बाद लाश निकलने तक लोग हंगामा करते रहे।
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भागलपुर में हंगामा कर रहे लोग दो जूनियर डॉक्टरों के निलंबन के बावजूद हंगामा जारी रखा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में अस्पतालों की बिल्डिंग चकाचक करने की तस्वीरें सरकार जारी करती रहती है, लेकिन इमरजेंसी में सीनियर डॉक्टरों की गैरमौजूदगी का प्रमाण भी सामने आता रहता है। इस बार यह प्रमाण केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के परिजनों के सामने आ गया। भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) में शाम पांच बजे केंद्रीय मंत्री के भाई निर्मल चौबे को हार्ट अटैक के बाद लाया गया, लेकिन इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में सीनियर डॉक्टर नहीं मिले। एयरफोर्स से रिटायर्ड निर्मल चौबे की हालत को जूनियर रेजिडेंट ने भी गंभीरता से नहीं लिया। शाम सात बजे मौत के आधे घंटे बाद अस्पताल में लोगों ने जमकर हंगामा शुरू किया और यह साढ़े 8 बजे तक चलता रहा। लापरवाही पर भड़के भाजपा कार्यकर्ताओं ने अधीक्षक से अपने सामने ऑन ड्यूटी दो जूनियर डॉक्टरों का निलंबन करवाया। ICU इंचार्ज के निलंबन पर लोग अड़े रहे, हालांकि रात साढ़े 8 बजे लाश निकलने के बाद भीड़ लौट गई।

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अपने छोटे भाई निर्मल के साथ फाइल फोटो में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे। - फोटो : अमर उजाला
तीसरे नंबर पर थे एयरफोर्स से रिटायर्ड निर्मल चौबे
केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके बाद रवींद्र चौबे हैं और सबसे छोटे अरविंद चौबे। रवींद्र और अरविंद के बीच में निर्मल चौबे थे। शुक्रवार को उन्हें परिजन चेस्ट पेन की शिकायत के साथ भागलपुर में मायागंज स्थित JLNMCH लेकर आए। अस्पताल में करीब दो घंटे उनकी सांसें चलती रहीं। अस्पताल अधीक्षक तो नहीं ही थे, ICU में इंचार्ज या कोई सीनियर डॉक्टर भी मौजूद नहीं थे। जांचों के दौरान हार्ट अटैक की पुष्टि के बावजूद यह स्थिति थी और परिजनों के अनुसार वहां उन्हें कोई इलाज नहीं मिला। इलाज में लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए परिजन रो रहे थे, तब तक केंद्रीय मंत्री के समर्थक भारी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। भागलपुर अश्विनी चौबे की कर्मभूमि रही है, इसलिए उनके भाई की इस तरह मौत पर हंगामा बढ़ता गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे घटना के समय हैदराबाद में थे। वह भागलपुर के लिए निकल चुके हैं। सुबह तक पटना पहुंचेंगे।
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अश्विनी चौबे के भाई की मौत पर परिजनों को सांत्वना देते लोग। - फोटो : अमर उजाला
छह थानों की पुलिस पहुंची, लाश निकलने तक हंगामा
मौके पर सिटी SP आनंद कुमार के अलावा छह थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने वाले शांत नहीं हुए। लोगों ने लापरवाही के लिए डॉक्टरों को निलंबित कराने की मांग रखी। पुलिस ने बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया तो अधीक्षक डॉ. असीम दास ने दो जूनियर रेजिडेंट डॉ. आदित्य और डॉ. विनय कुमार के निलंबन का आदेश भीड़ के सामने ही लिखा। इसके बाद भी लोग साढ़े 8 बजे तक हंगामा करते रहे। अस्पताल अधीक्षक ने स्वीकार किया कि वह उस समय नहीं आ सके थे और आईसीयू इंचार्ज भी नहीं थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर मुझे अपडेट दे रहे थे, हालांकि उन्होंने लापरवाही के आरोप में दो जूनियर रेजिडेंट को निलंबित किए जाने की भी जानकारी खुद दी।
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