समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर से गुजरने वाली बाया नदी के मुगल चक बहादुरचक गांव के बीच पुल निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल गई है। पुल के निर्माण पर करीब 7 करोड़ रुपय खर्च होने का अनुमान है।
वर्षों से लोग यहां प्रत्येक वर्ष नदी पार करने के लिए चचरी पुल का निर्माण करते हैं। चूंकि नदी में बाढ़ आने पर चचरी पुल टूटकर ध्वस्त हो जाता है। बाढ़ खत्म होने के बाद पुनः गांव के लोग आपसी सहयोग कर चचरी पुल का निर्माण करते हैं। स्कूल के बनने से राजा जान पंचायत के अलावा दशहरा करीमनगर, मोहिउद्दीन नगर दक्षिण, मोहिउद्दीन नगर उत्तर पंचायत के साथ ही आधा दर्जन से अधिक पंचायत की करीब 50000 से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा।
इस इलाके के लोग पुल पारकर बहादुरपुर होते हुए सीधा पटोरी अनुमंडल पहुंच सकेंगे, जिससे करीब उन्हें 10 किलोमीटर की दूरी घट जाएगी। पूर्व में लोगों को मोहिउद्दीन नगर होते हुए पटोरी जाना होता था। जिससे उन्हें करीब 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी होती थी।
स्थानीय ग्रामीण अजय कुमार यादव बताते हैं कि उनकी उम्र करीब 40 वर्ष हो चुकी है। पिछले 40 सालों से वह चचरी पुल के सहारे ही आवागमन करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा बताते थे कि पहले यहां पर नाव चला था। बाद में लोगों ने चचरी पुल का निर्माण शुरू किया, लेकिन प्रत्येक वर्ष नदी में बाढ़ आने पर चचरी पुल ध्वस्त हो जाता है, जिससे मुगलचक और बहादुरचक के लोग आपसी सहयोग कर हर वर्ष बाढ़ के बाद चचरी पुल का निर्माण करते हैं। जिसमें करीब 1 लाख से अधिक रुपए खर्च भी होता है। अब इस नदी पर पुल बनाने की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। जिससे इलाके में हर्ष का माहौल है।
इन गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ
बहादुर चक, राजा जान, नंदिनी, पटोरी, दशहरा, करीमनगर मोहिउद्दीन नगर दक्षिणी, मोहिउद्दीन नगर उत्तर, शिवै सिंहपुर, समेत मोहिउद्दीन नगर और पटोरी प्रखंड के दर्जन भर से अधिक गांव के लोगों को लाभ मिलेगा।
विधायक प्रतिनिधि ने क्या कहा
विधायक प्रतिनिधि रविश कुमार सिंह का बताना है कि लंबे समय से इस इलाके के लोग चचरी पुल के सहारे आवागमन करते हैं। मुगल चक्र से बहादुर तक पुल निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है इसके लिए राशि का आवंटन भी हो गया है जल्द ही पूरी निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
अनुमंडल पदाधिकारी ने क्या कहा
पटोरी के अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार पांडे ने बतलाया कि पुल निर्माण को लेकर प्रशासनिक स्वीकृति मिली है निर्माण स्थल पर मिट्टी का जांच कराया गया था निविदा की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।