लोकसभा में शाम्भवी चैधरी, जिला परिषद में खुश्बू कुमारी, नगर निगम की पहली महापौर अनीता राम और विधानसभा में अश्वमेध देवी के नेतृत्व में अब जिले के चारों शीर्ष निर्वाचित पद महिलाओं के हाथों में हैं।
समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र से उजियारपुर लोकसभा की पहली सांसद अश्वमेध देवी की जीत के साथ समस्तीपुर में नारी शक्ति का अद्भुत दबदबा बन गया है। जनता ने तीन बार के पूर्व विधायक को हराकर एक बार फिर नारी शक्ति पर भरोसा जताया और जदयू की कद्दावर नेत्री अश्वमेध देवी को अपना विधायक चुन लिया।
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लोकसभा में समस्तीपुर का प्रतिनिधित्व सबसे युवा सांसद शाम्भवी चैधरी कर रही हैं, जबकि जिला परिषद अध्यक्ष का पद खुश्बू कुमारी के कंधों पर है। नव गठित नगर निगम की पहली महापौर अनीता राम और अब विधानसभा में विधायक के रूप में अश्वमेध देवी के नेतृत्व में समस्तीपुर का प्रतिनिधित्व होगा। इस प्रकार जिले के चारों शीर्ष निर्वाचित पदों पर महिलाएं बैठकर विकास और नेतृत्व की बागडोर संभाल रही हैं।
समस्तीपुर के इतिहास में यह पहली बार है जब जिले का नेतृत्व पूरी तरह नारी शक्ति के हाथों में है। लोगों को उम्मीद है कि अब समस्तीपुर के विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। जननायक की धरती समस्तीपुर की जनता ने अपनी बहुओं और बेटियों को इतना स्नेह और समर्थन दिया कि यह परिणाम आने वाले दशकों तक याद रखा जाएगा। यह घटना महज राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण और विकास की उम्मीद की नई किरण के रूप में उभरी है।
इतिहास साक्षी है कि आदिकाल में हमारे देश की सामाजिक संरचना मातृसत्तात्मक थी, जिसमें महिलाएं निर्णायक भूमिका में रहती थीं। हर दौर में बड़े बदलावों की वाहक नारी शक्ति ही रही है। जब महिलाएं मुख्य नेतृत्व की भूमिका में आती हैं, तो बदलाव की गति तेज और निर्णायक होती है, क्योंकि पुरूषों की तुलना में महिलाओं की इच्छा शक्ति और कठिन फैसले लेने की क्षमता अतुलनीय होती है।
जनता को उम्मीद है कि अश्वमेध देवी और समस्तीपुर की अन्य महिला नेताओं की यह पसंद अब नए इतिहास की रचना करेगी। आने वाले समय में जिले में मजबूत बदलाव दिखेंगे और इसका प्रभाव शहर से लेकर गांव तक ही नहीं, बल्कि बिहार और पूरे देश में महसूस किया जाएगा।