समस्तीपुर मंडल कारा में एक विचाराधीन कैदी की मौत सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। मृतक की पहचान समस्तीपुर शहर के काशीपुर वार्ड-34 निवासी 54 वर्षीय मनोज कुमार गुप्ता के रूप में हुई है, जो पेशे से किराना दुकानदार थे। खास बात यह है कि उनकी पत्नी पूनम गुप्ता भी उसी मामले में जेल में बंद हैं।
जानकारी के मुताबिक, मनोज गुप्ता को 15 फरवरी की सुबह नगर पुलिस ने कोर्ट के एक पुराने वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच में फिट घोषित किए जाने के बाद उन्हें मंडल कारा भेज दिया गया था। लेकिन बुधवार शाम सीने में दर्द की शिकायत के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर रात उनकी मौत हो गई।
पुराने मामले में हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, मनोज गुप्ता और उनकी पत्नी पूनम गुप्ता के खिलाफ वर्ष 2016 में दर्ज एक मामले में कोर्ट ने वारंट जारी किया था। इसी के आधार पर 15 फरवरी की सुबह करीब सात बजे पुलिस ने उन्हें उनके घर से गिरफ्तार किया और सुबह 11:00 बजे मेडिकल जांच कराने के बाद जेल भेज दिया गया। बुधवार शाम को मनोज गुप्ता ने जेल में सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन जब उनकी हालत गंभीर होती गई, तो उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई।
‘मेडिकल जांच के बाद ही भेजा गया था जेल’
इस घटना पर नगर थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर शिवकुमार यादव ने कहा कि कैदी को गिरफ्तार करने के बाद पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया था। उन्होंने बताया कि 15 फरवरी को जब मनोज गुप्ता और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया, तो पहले उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया था। वहां डॉक्टरों ने फिट घोषित किया, तभी उन्हें जेल भेजा गया था।
मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगा पोस्टमार्टम
कैदी की मौत की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि कैदी की मौत उपचार के दौरान हुई है। ऐसे मामलों में नियम के अनुसार पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की निगरानी में कराया जाएगा। प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी गई है।
इस घटना पर मंडल कारा अधीक्षक प्रशांत ओझा ने कहा कि बुधवार दोपहर कैदी ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की, जिसके बाद जेल में ही ईसीजी सहित अन्य जरूरी जांच कराई गई। लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, इसलिए उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है। मनोज गुप्ता की मौत के बाद अब उनकी पत्नी पूनम गुप्ता जेल में अकेली हैं। परिवार के लोग इस पूरे मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।