समस्तीपुर सदर अस्पताल में पदस्थापित सिविल सर्जन एस.के. चौधरी का दिल का दौरा पड़ने से इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से जिले भर में शोक की लहर दौड़ गई और स्वास्थ्य विभाग सहित आमजन में गहरा दुख देखा गया।
सरकारी कार्यक्रम के निरीक्षण के दौरान बिगड़ी तबीयत
बताया गया कि 24 जनवरी को भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संभावित यात्रा को लेकर वे जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद कर्मियों ने तत्काल उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया।
बेहतर इलाज के दौरान नहीं बच सकी जान
सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
जिले भर में शोक, प्रशासनिक अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
इस घटना के बाद पूरे जिले में शोक का माहौल बन गया। जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शहर के चिकित्सकों ने भी उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए।
सदर अस्पताल में अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़
आज उनके पार्थिव शरीर को समस्तीपुर सदर अस्पताल लाया गया, जहां जिले भर के स्वास्थ्य कर्मियों और आम लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अस्पताल परिसर में शोकाकुल माहौल रहा और लोग नम आंखों से अपने प्रिय सिविल सर्जन को अंतिम विदाई देते नजर आए।
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सिमरिया घाट तक निकली भावुक अंतिम यात्रा
इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से उनके पार्थिव शरीर को सिमरिया घाट ले जाया गया। अंतिम शव यात्रा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर वर्ग के लोग इस यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते दिखे।
लोगों ने कहा कि सिविल सर्जन एस.के. चौधरी न सिर्फ एक अच्छे डॉक्टर थे, बल्कि एक नेक और संवेदनशील इंसान भी थे। स्टाफ का कहना था कि वे गलती होने पर डांटने के बजाय समझाते थे और मेहनत से काम करने की प्रेरणा देते थे। कई डॉक्टर उन्हें याद कर भावुक हो उठे और उन्हें पिता तुल्य बताया।