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Bihar News: छठ के अर्घ्य में दिखा विकास का दर्द! जलजमाव के बीच खड़े होकर ग्रामीणों ने सूर्यदेव को दिया अर्घ्य

Wed, 12 Aug 2026 09:24 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर

सार

समस्तीपुर के सरायरंजन प्रखंड स्थित रायपुर बुजुर्ग पंचायत के बलभद्रपुर मेहसी वार्ड-9 में ग्रामीणों ने बदहाल सड़क और जलजमाव के विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। वर्षों से पक्की सड़क और जलनिकासी की मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को जलजमाव के बीच खड़े होकर छठ पूजा की और भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया।
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पानी में खड़े होकर ग्रामीणों ने दिया सूर्यदेव को अर्घ्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छठ को आस्था, पवित्रता और स्वच्छता का महापर्व माना जाता है, लेकिन समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड स्थित रायपुर बुजुर्ग पंचायत के बलभद्रपुर मेहसी, वार्ड संख्या-9 में इस बार बदहाल सड़क और जलजमाव ग्रामीणों के विरोध की तस्वीर बन गया। वर्षों से पक्की सड़क का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने मंगलवार को कच्ची सड़क पर जमा पानी के बीच खड़े होकर छठ पूजा की और भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब वर्षों से उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने इसी जलजमाव को विरोध का माध्यम बना दिया। ग्रामीणों के इस अनोखे तरीके ने स्थानीय व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आस्था के बीच बदहाल सड़क का दर्द दिखाया

ग्रामीणों के मुताबिक, जिस कच्ची सड़क से वे वर्षों से आवाजाही कर रहे हैं, वह बारिश होते ही जलमग्न हो जाती है। पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण रास्ता लंबे समय तक कीचड़ और पानी से भरा रहता है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। जलजमाव के बीच छठ पूजा का अर्घ्य देकर ग्रामीणों ने अपनी समस्या की ओर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। उनका कहना है कि यह विरोध छठ पर्व के खिलाफ नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही उपेक्षा के खिलाफ है।

वर्षों पुरानी समस्या अब बन चुकी है नासूर

स्थानीय निवासी महेंद्र सहनी ने कहा कि रायपुर बुजुर्ग पंचायत का यह वार्ड लंबे समय से उपेक्षित है। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधि गांव की समस्याओं को देखने तक नहीं आते। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों को हर मौसम में परेशानी उठानी पड़ती है।

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वहीं, मो. रामवती देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुखिया और सरपंच चुनाव के समय वोट मांगने गांव पहुंचते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की समस्याओं की सुध लेने कोई नहीं आता।

उपमुख्यमंत्री, सांसद से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक नाराजगी

ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक सह बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, क्षेत्रीय सांसद सह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सड़क तथा जलजमाव की समस्या का समाधान कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी बड़े विकास कार्य की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी पहली जरूरत चलने लायक पक्की सड़क और पानी की निकासी की व्यवस्था है। उनका सवाल है कि यदि वर्षों से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होता, तो आखिर वे अपनी बात जिम्मेदारों तक किस तरह पहुंचाएं?

छठ के अर्घ्य के साथ व्यवस्था से सवाल

ग्रामीणों के इस विरोध में समाजसेवी संजीव कुमार इंकलाबी, मिथिलेश कुमार, सरोज कुमार, ब्रिजेश सहनी, जलेश्वर सहनी, महेंद्र सहनी, रामू सहनी, लक्ष्मी सहनी, वासो सहनी, सुरेंद्र सहनी, देवकांत सहनी और तेतर सहनी समेत दर्जनों लोग शामिल रहे।

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