उन्होंने 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में फिर से महागठबंधन के उम्मीदवार और पूर्व मेयर ओमप्रकाश खेरिया को 7000 मतों के अंतर से हराया। अप्रैल 2018 में उन्हें प्रकल्प समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर से राजद उम्मीदवार अमरनाथ गामी को 10,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया।
संजय सरावगी का परिवार व्यवसायिक पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता का परमेश्वर लाल हैं। संजय सरावगी की पत्नी शोभा सरावगी गृहणी हैं। संजय सरावगी विधानसभा में राजद विधायक भाई वीरेंद्र के साथ हुई बकझक कर बाद से भाजपा के फायर ब्रांड विधायक के रूप में उभरे थे। भाजपा ने इन्हें अभी हाल ही महाराष्ट्र के चुनाव और दिल्ली विधानसभा के चुनाव में भी लगाया था। जहां इन्होंने प्रचार किया वहां का परिणाम भी भाजपा के पक्ष में आया था। वहीं, दरभंगा में एम्स के शिलान्यास और अभी भागलपुर में प्रधानमंत्री के दौरे में तैयारी में भी संजय सरावगी को लगाया गया था।