दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत रसूलपुर गांव निवासी मोहन यादव ने अपने नाबालिग बेटे सत्यम कुमार के अपहरण को लेकर सिमरी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने इसे सिमरी थाना कांड संख्या 10/26 के रूप में दर्ज किया है, जिसकी पुष्टि थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने की है।
अपहरण और धमकी का आरोप
दर्ज प्राथमिकी में मोहन यादव ने आरोप लगाया है कि अपहरण के बाद उन्हें धमकी दी गई कि यदि पुलिस में मामला दर्ज कराया गया तो उनके बेटे की हत्या कर दी जाएगी। इस धमकी के कारण परिवार भय और तनाव के माहौल में रहा।
साइकिल से बाजार गया था सत्यम कुमार
पीड़ित मोहन यादव के अनुसार, 11 जनवरी को उनका बेटा सत्यम कुमार सढ़वारा बाजार साइकिल से गया था। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि उनके बेटे को गुलाब साह और लालबाबू साह उठाकर ले गए हैं।
आरोपियों के घर पूछताछ में मारपीट का आरोप
बेटे के संबंध में जानकारी लेने जब मोहन यादव आरोपियों के घर पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की। आरोप है कि इसके बाद गमछा से गला दबाकर उनसे एक सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर भी करवा लिया गया।
ग्रामीणों ने बचाई जान
पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया, जिससे उनकी जान बच सकी। इस दौरान आरोपियों ने फिर धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की गई तो उनके बेटे को जान से मार दिया जाएगा।
पढ़ें- Bihar: खुद लड़की पसंद की थी... पर शादी से पहले दूल्हे ने गले लगाई मौत, आखिर शव लेकर फरार क्यों हो गए परिजन?
डर के माहौल में दर्ज कराई गई प्राथमिकी
घटना के बाद काफी समय तक परिजन भयभीत रहे। जब कई दिनों तक सत्यम कुमार का कोई सुराग नहीं मिला तो मोहन यादव ने 17 जनवरी को हिम्मत जुटाकर गुलाब साह, रामननंदन भगत, बीरेंद्र साह, लालबाबू साह और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ सिमरी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।
इस संबंध में सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि मोहन यादव के आवेदन पर चार नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस शीघ्र ही बच्चे की बरामदगी और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है।