बिहार के मधेपुरा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार की सुबह प्लेटफॉर्म संख्या दो पर 25 साल की महिला का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला, जिसके पास उसकी दो मासूम बच्चियां बिलख रही थीं। मृतका की पहचान जीतापुर निवासी मो. मुर्शीद की पत्नी काजल (25) के रूप में हुई है। घटना के बाद स्टेशन परिसर में सनसनी फैल गई और लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
'मां ने घर में लगा ली थी फांसी'
मृतका की तीन साल की बेटी शहनाज ने रोते हुए बताया कि रात को उसकी मां ने घर में फांसी लगा ली थी। सुबह होने पर उसके पिता मो. मुर्शीद, मां के शव और दोनों बच्चियों को लेकर एक ऑटो से मधेपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां पिता ने पहले दोनों बच्चियों को स्टेशन पर लगी चेयर पर बैठाया और मां के शव को दोनों बच्चियों की गोद में लिटा दिया। इसके बाद पिता दोनों बच्चियों को लावारिस छोड़कर वहां से फरार हो गया। घंटों तक दोनों बच्चियां अपनी मृत मां को जिंदा समझकर वहीं बैठी रहीं, जिसे देखकर वहां मौजूद यात्रियों की आंखें नम हो गईं।
मृतका का पति से चल रहा था विवाद
घटना की सूचना मिलते ही सहरसा से जीआरपी इंस्पेक्टर दिलीप कुमार और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब शव का मुआयना किया, तो महिला के गले पर काले निशान पाए गए, जो फांसी या गला घोंटने की ओर इशारा कर रहे थे। मृतका के एक रिश्तेदार ने बताया कि काजल और उसके पति के बीच पिछले एक महीने से विवाद चल रहा था। मृतका गर्भवती भी थी। हैरानी की बात यह रही कि जीतापुर गांव स्टेशन से मात्र 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी दोपहर के डेढ़ बजे तक मृतका का कोई भी सगा संबंधी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा।
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पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या और हत्या के बीच उलझा हुआ है। इंस्पेक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि परिजनों को सूचित कर दिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। हत्या कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और पति की गिरफ्तारी के बाद ही हो पाएगा।