दिल्ली के जंतर-मंतर से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर शुरू हुए छात्र आंदोलन तथा पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में जारी बिहार बंद के बीच महाराष्ट्र पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड और समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड के शेरपुर गांव निवासी बिजेंद्र कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। नीट समेत देशभर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे बिजेंद्र की गिरफ्तारी को जांच एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
समस्तीपुर के शेरपुर गांव का रहने वाला है आरोपी
बिजेंद्र कुमार गुप्ता समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड के शेरपुर गांव का निवासी है। वह बालेश्वर साह का पुत्र है। उसका परिवार आज भी गांव में रहता है। उसके पिता वर्षों से गांव में आटा चक्की चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की गिरफ्तारी की खबर के बाद गांव में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
कई राज्यों में छापेमारी के बाद बिहार से गिरफ्तारी
महाराष्ट्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी आकाश पवार के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों में लगातार छापेमारी की जा रही थी। आखिरकार उसे बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है। महाराष्ट्र पुलिस दोनों को हवाई मार्ग से पुणे के भिवंडी ले गई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
जूते में छिपाकर बाहर निकाला गया था प्रश्नपत्र
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों को कथित तौर पर पैसे और संपत्ति का लालच देकर प्रश्नपत्र हासिल किया था। आरोप है कि प्रश्नपत्र को जूते में छिपाकर प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे भिवंडी और पुणे समेत कई स्थानों पर बेचा गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे मामले में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के लेन-देन की आशंका है।
पत्नी पहले ही हो चुकी है गिरफ्तार
इस मामले में 25 जून को बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को पटना से गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा उसके कई सहयोगियों को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का आरोप है कि मुख्य आरोपी लगातार फरार रहकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों, आर्थिक लेन-देन और संरक्षण देने वाले लोगों तक पहुंचने की उम्मीद बढ़ गई है।
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नीट पेपर लीक विवाद में भी आया था नाम
बिजेंद्र कुमार गुप्ता का नाम वर्ष 2024 में सामने आए नीट पेपर लीक विवाद के दौरान भी सुर्खियों में आया था। एक राष्ट्रीय समाचार चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में उसने कथित तौर पर पेपर लीक सिंडिकेट के काम करने के तरीके और परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों को लेकर कई दावे किए थे। इसके बाद विभिन्न जांच एजेंसियों ने उससे जुड़े पहलुओं की जांच की थी।
पुराने पेपर लीक नेटवर्क की तलाश में जांच एजेंसियां
महाराष्ट्र पुलिस का दावा है कि बिजेंद्र कुमार गुप्ता लंबे समय से कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ा रहा है। वर्ष 2011 के एक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के अलावा बिहार टीईटी, ओडिशा एसएससी समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक मामलों में भी उसका नाम सामने आया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके तार किन-किन राज्यों, भर्ती परीक्षाओं और गिरोहों से जुड़े थे।
पूछताछ में खुल सकते हैं कई बड़े राज
छात्र आंदोलन के बीच हुई यह गिरफ्तारी जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। महाराष्ट्र पुलिस को उम्मीद है कि बिजेंद्र गुप्ता से पूछताछ के दौरान पेपर लीक सिंडिकेट की कार्यप्रणाली, विभिन्न राज्यों में फैले नेटवर्क, फंडिंग, तकनीकी तरीकों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।