गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद हुआ सामान
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बताया जा रहा है कि यह कंपनी विभिन्न प्रखंडों में अपनी सेवाएं दे रही है। वहीं, फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके आधार कार्ड बनवाने के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे सरकारी तंत्र की सुरक्षा और प्रामाणिकता पर सवालिया निशान लग गया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि इस गैर कानूनी धंधे में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब उन सभी संदिग्धों की तलाश में जुटी है, जो इस रैकेट का हिस्सा हो सकते हैं। वहीं, लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस तरह की और भी गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। ताकि इस प्रकार के अपराधों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।
इधर, सदर थानाध्यक्ष अमृत कुमार साह ने बताया कि लोगों की सूचना पर पुलिस ने त्वरित छापेमारी की। उसके बाद पुलिस ने प्रखंड कार्यालय परिसर से दो लोगों को ढेर सारे फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और नगर निगम के कई मुहर सहित गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।