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Bihar: मधुबनी के फुलहर में खुदाई के दौरान मिले 800 साल पुराने दुर्लभ पुरावशेष, ‘श्री सीताराम’ भी मिला अंकित

Mon, 01 Jun 2026 04:34 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधुबनी

सार

मधुबनी के फुलहर गांव स्थित राम-जानकी प्रथम मिलन स्थली के पास खुदाई में 700-800 साल पुराने दुर्लभ पुरावशेष और खंडित प्रतिमा मिली है। विशेषज्ञों ने इसे बौद्ध देवी तारा की प्रतिमा बताया है। पुरावशेष देखने लोगों की भीड़ उमड़ रही है।

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दुर्लभ पुरावशेष - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड अंतर्गत फुलहर गांव स्थित प्रभु श्रीराम और माता जानकी की प्रथम मिलन स्थली के समीप अवस्थित बागतराग तालाब में इन दिनों खुदाई का कार्य चल रहा है। खुदाई के दौरान सात-आठ सौ वर्ष पुराने दुर्लभ पुरावशेष मिलने से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।

तालाब से एक खंडित प्रतिमा और अन्य पुरावशेष बरामद हुए हैं, जिन्हें इस स्थल की पौराणिक और ऐतिहासिक महत्ता से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारों के अनुसार यह खंडित प्रतिमा बौद्ध देवी तारा की हो सकती है।

प्रतिमा पर एक बौद्ध मंत्र उकेरा गया है, वहीं सुनहरे रंग के एक पुरावशेष पर कैथी लिपि में “श्री सीताराम” अंकित मिला है। स्थानीय लोगों ने मधुबनी जिलाधिकारी से मांग की है कि इन पुरावशेषों और खंडित प्रतिमा को सुरक्षित रखते हुए सरकारी संग्रहालय में संरक्षित किया जाए।

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जानकारी मिलते ही पर्यटन विभाग के आर्किटेक्ट माधव भारद्वाज फुलहर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले वहां चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया, इसके बाद तालाब से मिले पुरावशेषों का गहन अवलोकन किया।

आर्किटेक्ट माधव भारद्वाज ने भी इन अवशेषों को 12वीं शताब्दी के आसपास बताया। उन्होंने कहा कि खंडित प्रतिमा पर अंकित पाठ प्रसिद्ध बौद्ध श्लोक है, जिसे आमतौर पर धर्म मंत्र कहा जाता है। पुरावशेष मिलने के बाद फुलहर गांव में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दूर से लोग प्रतिमा और अन्य अवशेषों को देखने पहुंच रहे हैं।

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