Bihar News: सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि फूटपाथी दुकानदार शहर की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे किफायती दरों पर सामान उपलब्ध कर शहरी गरीबों, प्रवासियों और कामकाजी वर्ग के जीवन-यापन में सहायक होते हैं।
समस्तीपुर शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत फुटपाथी दुकानदारों को हटाए जाने पर भाकपा (माले) के जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए दुकानदारों को उजाड़ रहा है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
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माले नेता ने सुझाव दिया कि प्रशासन विभिन्न सरकारी कार्यालयों, स्कूल-कॉलेज, रेलवे, जिला परिषद, नगर निगम आदि की खाली पड़ी जमीन पर या चारदीवारी को पीछे कर उन्हें बसाने की उचित व्यवस्था करे। इससे न केवल उनका रोजगार सुरक्षित रहेगा बल्कि राजस्व वृद्धि में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन कमजोर वर्गों के खिलाफ बुलडोजर चलाने में तत्पर रहता है, लेकिन प्रभावशाली और रसूखदार लोगों द्वारा सरकारी जमीन, तालाब व पोखरों पर किए गए कब्जों को हटाने में ढिलाई बरती जाती है। उन्होंने पूछ कि समस्तीपुर की 80-80 फीट वाली सड़कें आखिर कहां गायब हो गईं? काशीपुर-मुसापुर पोखर, स्टेशन चौक, चीनी मिल चौक और मगरदही घाट क्षेत्र अबतक अतिक्रमण मुक्त क्यों नहीं हुए?
सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि फूटपाथी दुकानदार शहर की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे किफायती दरों पर सामान उपलब्ध कर शहरी गरीबों, प्रवासियों और कामकाजी वर्ग के जीवन-यापन में सहायक होते हैं। इनके माध्यम से सूक्ष्म उद्यमिता को बढ़ावा मिलता है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि शहर के विकास में इन दुकानदारों के योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें नियमों और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर व्यवस्थित किया जाना चाहिए, ताकि वे किसी समस्या के रूप में नहीं बल्कि विकास की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा बन सकें।