दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान प्रखंड के रामबाड़ी गांव निवासी एक बेटे रविंद्र चौपाल ने अपने ही जीवित पिता विनोद चौपाल का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन दिया। इस मामले के सत्यापन के लिए पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ललन कुमार चौधरी ने जांच में आवेदक के दावे को फर्जी करार दिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है कि आखिर बेटे ने किस मंशा से पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया।
डीएम के जनता दरबार में लगाई थी गुहार
बताया जाता है कि विनोद चौपाल के बेटे रविंद्र चौपाल ने दरभंगा के डीएम कौशल कुमार के जनता दरबार में आवेदन देकर पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की गुहार लगाई थी। मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनने पर उसने दोबारा जनता दरबार में आवेदन दिया। इसके बाद डीएम कार्यालय की ओर से प्रखंड विकास पदाधिकारी से प्रतिवेदन मांगा गया।
मृत बताया गया विनोद मिला जिंदा
जांच के लिए बीडीओ ललन कुमार चौधरी और पंचायत सचिव जवाहर कुमार मौके पर सत्यापन के लिए पहुंचे, जहां आवेदक द्वारा मृत बताए गए व्यक्ति विनोद चौपाल अपनी पत्नी के साथ जीवित मिले। यह देख सभी हैरान रह गए।
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'जिला कार्यालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट'
इस मामले को लेकर बीडीओ ललन कुमार चौधरी ने बताया कि आवेदक ने किस कारण से यह आवेदन किया, इसकी जांच की जा रही है। पूरी जांच रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजी जाएगी। वहीं उन्होंने पंचायत सचिव और डेटा ऑपरेटर को निर्देश दिया है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े सभी लंबित मामलों का 15 दिनों के भीतर भौतिक सत्यापन कर निष्पादन किया जाए।