दरभंगा में यूट्यूबर दिलीप सहनी के साथ मारपीट मामले को लेकर सियासी बवाल तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सिंहवाड़ा थाना पहुँचकर दिलीप सहनी के पक्ष में खड़े होकर मंत्री जीवेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कराया। इसके बाद शाम को सिंहवाड़ा निवासी गुड़िया देवी ने तेजस्वी यादव, संजय यादव समेत चार लोगों पर माई बहिन योजना में 200 रुपये की वसूली को लेकर एफआईआर दर्ज कराई। इससे दरभंगा की राजनीति में हलचल मच गई है।
इसी कड़ी में मंगलवार को राजद ने कर्पूरी चौक पर एक दिवसीय महाधरना आयोजित कर मंत्री जीवेश कुमार को बर्खास्त करने और गिरफ्तारी की मांग की। धरना में पूर्व केंद्रीय मंत्री अली असरफ फातमी, पूर्व विधायक भोला यादव, पूर्व मंत्री ललित यादव, पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए और सरकार विरोधी नारे लगाए।धरना को संबोधित करते हुए अली असरफ फातमी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तुरंत मंत्री जीवेश कुमार को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें। अगर कार्रवाई नहीं की गई तो “दो महीने बाद महागठबंधन की सरकार बनने पर हम उन्हें जेल भेजेंगे।
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पूर्व विधायक भोला यादव ने कहा कि मंत्री ने सिर्फ इसलिए यूट्यूबर के साथ मारपीट और गाली-गलौज की क्योंकि उसने जर्जर सड़क पर सवाल उठा दिया था। पीड़ित दिलीप सहनी अतिपिछड़ा मल्लाह समाज से आते हैं, जिन्हें मंत्री ने सामंती मानसिकता के चलते भीड़ के बीच अपमानित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने उन्हें गाड़ी में खींचने की भी कोशिश की जिससे वह घायल हो गए।
भोला यादव ने आगे कहा कि यह सरकार पूरी तरह सामंती प्रवृत्ति की सरकार बन चुकी है। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री की मां को लेकर अपशब्द कहे गए तो पूरे देशभर में प्रदर्शन हुआ। लेकिन आज जब एक अतिपिछड़ा समाज का बेटा और उसकी मां अपमानित हुई है, तब क्यों खामोशी है? मल्लाह समाज से ही आने वाले मंत्री मदन सहनी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा क्यों नहीं देते? राजद नेता राकेश नायक ने कहा कि मंत्री जीवेश कुमार का व्यवहार 90 के दशक की सामंती प्रवृत्ति की याद दिलाता है। दलित और पिछड़े वर्गों पर अत्याचार की वही सोच उन्होंने दिखाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को तत्काल ऐसे मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर करना चाहिए।