दरभंगा जिले में मंगलवार को दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। सकतपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि मब्बी थाना क्षेत्र में एक बंद कैफे में करंट लगने से 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में आक्रोश और शोक का माहौल है। पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है।
काली मंदिर परिसर में युवक की चाकू मारकर हत्या
पहली घटना सकतपुर थाना क्षेत्र के उजान गांव की है। यहां काली मंदिर परिसर में एक युवक का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, सुबह पूजा करने पहुंची महिलाओं ने मंदिर परिसर में शव देखा और ग्रामीणों को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। मृतक की पहचान कनकपुर वार्ड संख्या-8 निवासी 38 वर्षीय मनोज ठाकुर के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही सकतपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया।
एफएसएल टीम और सीसीटीवी फुटेज के सहारे जांच
पुलिस ने घटनास्थल पर एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि हत्या के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
अकेले रहता था मृतक
स्थानीय लोगों के अनुसार, मनोज ठाकुर के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। उसकी बहन की शादी हो चुकी है और वह ससुराल में रहती है। मनोज मंदिर के पास स्थित दुकानों में काम कर अपना जीवनयापन करता था। रात अधिक होने पर वह अक्सर मंदिर के पास दुकान के बरामदे में सो जाता था। ऐसे में उसकी हत्या कैसे हुई, यह जांच का विषय बना हुआ है।
बंद कैफे में करंट लगने से किशोर की मौत
दूसरी घटना मब्बी थाना क्षेत्र के लाधा गांव स्थित हरपुर चौक के पास हुई। यहां एक बंद कैफे में लगे बिजली के झालर से जुड़े लोहे के रॉड की चपेट में आने से 15 वर्षीय सुजीत कुमार की मौत हो गई। मृतक भट्टू मांझी का इकलौता बेटा था। इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
ये भी पढ़ें-
Bihar: दोस्ती, प्यार और फिर खौफनाक अंत! खुदनेश्वर धाम में जिसकी मांग भरी, क्या वही बन गई मौत की वजह?
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, सड़क जाम
घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने कैफे संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दरभंगा-कमतौल मार्ग को जाम कर दिया। लोगों ने मुआवजे की मांग करते हुए करीब तीन से चार घंटे तक प्रदर्शन किया। कैफे संचालक का कहना है कि उसकी दुकान पिछले दो दिनों से बंद थी और दुकान बंद करने से पहले बिजली का मुख्य स्विच भी बंद कर दिया गया था। ऐसे में करंट कैसे आया, इसकी उसे जानकारी नहीं है।
मुआवजे के आश्वासन पर खुला जाम
मब्बी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में जमीन के मालिक द्वारा मुआवजा देने का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन सड़क जाम हटाने पर राजी हुए। मब्बी थानाध्यक्ष रौशन कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।