उत्तर बिहार का गौरव कहे जाने वाले दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) में MBBS 2021 बैच के फाइनल परीक्षा परिणाम ने सभी को चौंका दिया है। फाइनल परीक्षा में शामिल 121 छात्रों में से 48 छात्र असफल हो गए हैं, जबकि 4 छात्रों का परिणाम पेंडिंग रखा गया है। बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने से कॉलेज प्रशासन को बड़ा झटका लगा है और यह मामला पूरे कॉलेज परिसर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
केवल 69 छात्र ही परीक्षा में हुए सफल
जानकारी के अनुसार, MBBS 2021 बैच के छात्रों की फाइनल परीक्षा विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में कुल 121 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था। बुधवार को जारी परिणाम में 48 छात्र फेल घोषित किए गए, जबकि 4 छात्रों का रिजल्ट लंबित रखा गया है। इस तरह केवल 69 छात्र ही परीक्षा पास कर डॉक्टर बनने की दिशा में सफल हो सके हैं।
फेल छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका
विश्वविद्यालय ने असफल छात्रों को एक और मौका देने का फैसला किया है। इसके लिए 17 जुलाई से 5 अगस्त के बीच सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में शामिल होकर छात्र अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे।
25 जून से शुरू होगा फॉर्म भरने का काम
सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को 25 जून से 8 जुलाई तक आवेदन फॉर्म भरना होगा। परीक्षा पास करने के बाद ये सभी छात्र भी डॉक्टर बनने के पात्र हो जाएंगे।
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प्रिंसिपल ने दी जानकारी
दरभंगा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल उमेशचंद्र झा ने बताया कि फाइनल परीक्षा में असफल हुए छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि 17 जुलाई से 5 अगस्त के बीच परीक्षा आयोजित की जाएगी और इसके लिए 25 जून से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
कॉलेज की प्रतिष्ठा पर उठे सवाल
एक साथ 48 छात्रों के फेल होने के बाद कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था और परीक्षा परिणाम को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्रों और अभिभावकों के बीच यह परिणाम चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं कॉलेज प्रशासन अब सप्लीमेंट्री परीक्षा के जरिए छात्रों को दूसरा अवसर देने की तैयारी में जुट गया है।