उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) के सर्जरी विभाग ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर बड़ी चिकित्सीय उपलब्धि हासिल की है। डॉक्टरों की टीम ने एक महिला मरीज के बाएं स्तन से करीब 10 किलोग्राम वजनी विशाल फाइलोड्स ट्यूमर निकाल दिया। सफल सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। निकाले गए ट्यूमर को आगे की जांच के लिए लैब भेजा गया है।
पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंची थी महिला
जानकारी के अनुसार, महिला को दर्द और लगातार बढ़ रही गांठ की शिकायत के बाद DMCH के सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया था। जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि मरीज के बाएं स्तन में विशाल फाइलोड्स ट्यूमर विकसित हो चुका है, जो तेजी से बढ़ रहा था और लगातार परेशानी का कारण बन रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
करीब 10 किलो का ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया
शुक्रवार को सर्जरी विभाग की टीम ने जटिल ऑपरेशन कर महिला के बाएं स्तन से करीब 10 किलोग्राम वजनी फाइलोड्स ट्यूमर सुरक्षित रूप से निकाल दिया। ऑपरेशन सफल रहा और किसी प्रकार की जटिलता सामने नहीं आई। सर्जरी के बाद निकाले गए ट्यूमर को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए लैब भेज दिया गया है, ताकि उसकी विस्तृत जांच की जा सके।
मरीज की हालत स्थिर, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी
ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और आवश्यक उपचार जारी है। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों की पूरी टीम का आभार जताया और बेहतर इलाज के लिए धन्यवाद दिया।
डॉ. ए. के. झा के मार्गदर्शन में पूरी हुई चुनौतीपूर्ण सर्जरी
यह जटिल सर्जरी डॉ. ए. के. झा के मार्गदर्शन में डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक पूरी की। ऑपरेशन टीम में डॉ. प्रियंका यादव, डॉ. मंजरी सिंह, डॉ. अनीता, डॉ. रवि, डॉ. सानू, डॉ. प्रियंका, डॉ. हर्ष, डॉ. विपिन और डॉ. अनन्या की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डॉक्टरों की अपील- गांठ या सूजन को नजरअंदाज न करें
सर्जरी करने वाले डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि स्तन में किसी भी प्रकार की गांठ, दर्द, सूजन या अन्य असामान्य बदलाव को कभी नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही इलाज से गंभीर बीमारियों का भी सफल उपचार संभव है। उन्होंने लोगों से शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी।