फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Satta ka Sangram Live :दरभंगा पहुंचा चुनावी रथ, चाय पर चर्चा के दौरान मतदाता ने बताए अपने मुद्दे

Sun, 26 Oct 2025 09:50 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा

सार

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए 6 और 11 नवंबर को मतदान होना है। चुनाव नजदीक आते ही माहौल पूरी तरह चुनावी हो गया है। इसी के तहत, अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ शनिवार को समस्तीपुर पहुंचा।
विज्ञापन
सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की राजनीतिक हवा अब दरभंगा की धरती पर भी पहुंच चुकी है। मिथिला की इस ऐतिहासिक भूमि पर राजनीति सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि हर दिल की धड़कन में बसती है। अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ आज इसी जिले में रुका है, जहां चौक-चौराहों से लेकर गांव की चौपालों तक चुनावी चर्चाएं जोरों पर हैं। हर किसी के मन में एक ही सवाल है, “इस बार जनता किसे देगी सत्ता की चाबी?” सुबह की चाय से लेकर शाम की बैठकों तक, मतदाताओं की उम्मीदें और मुद्दे मिलकर गढ़ रहे हैं बिहार की नई राजनीतिक तस्वीर।
विज्ञापन




स्थानीय निवासी कृष्ण कुमार ने कहा, "हमारी राजनीतिक समझ ज्यादा नहीं है, लेकिन हम चाहते हैं कि राज्य में अच्छी सरकार बने। बिहार में अभी भी गरीबी है, इसलिए कोई भी सरकार आए, वह विकास करे।" उन्होंने आगे कहा, "बीजेपी पर मुझे भरोसा है। यहां पर काम हुआ है, सड़कों और नालों में सुधार हुआ है। इससे यातायात भी आसान हो गया है।"

मुकेश कुमार ने कहा, "तेजस्वी यादव जो कहते हैं कि हर घर में नौकरी देंगे, उन्हें पता होना चाहिए कि 2005 के बाद शिक्षा के क्षेत्र में काम हुआ है। नीतीश कुमार ने महिलाओं को शिक्षा देने का काम किया है। तेजस्वी यादव खुद फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं। पहले वे दरभंगा में किसी को सिंबल देते हैं और अगले दिन किसी और को। उनका खुद का भाई भी अलग से चुनाव लड़ रहा है। इससे पहले यहां जंगलराज था। 7 बजे के बाद लोग घर से बाहर नहीं निकल पाते थे और आए दिन हत्या की घटनाएं होती थीं।"
विज्ञापन


विशाल ने कहा, "यहां के हालात अब काफी बेहतर हो गए हैं। महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा मिल रही है। बिजली और सड़कों के काम में भी बहुत सुधार हुआ है। पहले ऐसा नहीं था।" उन्होंने तेजस्वी यादव के नौकरी देने के वादे पर कहा, "जिनके पास डिग्री है, उन्हें नौकरी मिल रही है। जो तेजस्वी यादव कह रहे हैं, वह संभव नहीं है। वे अपने घर से नौकरी नहीं देंगे।"

चंदन ने कहा, "हर जगह लोग विकास को मुद्दा मान रहे हैं। लोग अब जाति या धर्म देखकर वोट नहीं दे रहे, बल्कि काम देखकर वोट देते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यहां बंद पड़ी जूट और चीनी मिल को फिर से शुरू करना चाहिए, ताकि रोजगार के मौके बढ़ें और लोग पलायन न करें।" तेज नारायण यादव ने कहा, "सरकार को फिर से उद्योग बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। यहां बंद पड़ी मिलों को फिर से शुरू करना चाहिए।"

विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें