ग्रामीणों के साथ दूल्हा सुरेंद्र कुमार
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दरभंगा में एक शादी उस समय चर्चा का विषय बन गई जब वरमाला से ठीक पहले दूल्हे की दूसरी शादी की अफवाह फैलने पर दुल्हन ने विवाह से इनकार कर दिया। इसके बाद दूल्हा और उसके परिजनों को कुछ समय के लिए बंधक बना लिया गया और मामला पंचायत तक पहुंच गया। हालांकि अगले ही दिन स्थिति पूरी तरह बदल गई और वही दुल्हन बाद में दूल्हा सुरेंद्र के साथ सात फेरे लेकर अपने ससुराल मोरो गांव पहुंची, जहां परिवार और ग्रामीणों ने दोनों का स्वागत किया।
अफवाह के कारण बना तनावपूर्ण माहौल
बताया जाता है कि मोरो गांव निवासी शिवमंगल राम के बेटे सुरेंद्र कुमार की शादी कलिगांव में तय हुई थी। 11 मार्च को बैंड-बाजा और बारात के साथ दूल्हा सुरेंद्र दुल्हन के घर पहुंचा। द्वार पूजा की रस्म पूरी होने के बाद दूल्हे को वरमाला के मंच तक ले जाया गया। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने यह अफवाह फैला दी कि सुरेंद्र ने पहले ही राजस्थान में किसी निजी कंपनी में काम करने के दौरान एक लड़की से शादी कर ली है। यह बात सुनते ही माहौल अचानक बदल गया और दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया।
दूल्हा और परिजनों को बनाया गया बंधक
अफवाह के बाद दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हा और उसके परिवार के कुछ सदस्यों को बंधक बना लिया। इस बीच पंचायत बुलाई गई, जिसमें दहेज में दिए गए सामान और पैसे वापस करने की मांग की गई। इसके बाद सुरेंद्र के पिता शिवमंगल राम ने दहेज में दिए गए सभी सामान और पैसे वापस कर दिए, जिसके बाद दूल्हा और उसके परिजनों को मुक्त कर दिया गया और बारात वापस लौट गई।
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अगले दिन सामने आया अफवाह का सच
घटना में मोड़ तब आया जब अगले दिन यह जानकारी सामने आई कि दूल्हे की दूसरी शादी की खबर पूरी तरह झूठी थी और इसे किसी शरारती तत्व ने फैलाया था। इसके बाद दुल्हन पक्ष के लोगों ने अपनी गलती स्वीकार की और दूल्हा सुरेंद्र तथा उसके परिवार से दोबारा बारात लाने का आग्रह किया।
सामाजिक दबाव के बाद फिर हुई शादी
ग्रामीणों और सामाजिक लोगों की पहल के बाद सुरेंद्र और उसका परिवार फिर से शादी के लिए तैयार हुआ। 12 मार्च की देर रात दोबारा बारात पहुंची और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दूल्हा सुरेंद्र और दुल्हन का विवाह संपन्न हुआ। शुक्रवार की सुबह दुल्हन अपने ससुराल मोरो गांव पहुंची, जहां ससुराल पक्ष और ग्रामीणों ने उसका स्वागत किया।