बता दें कि अक्तूबर के आखिरी हफ्ते में जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीच मुलाकात हुई थी। इसमें 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सीटों को लेकर समझौता हुआ था। इसके अनुसार, दोनों पार्टियां बिहार में बराबर सीटों पर, जबकि शेष सीटों पर लोजपा व रालोसपा चुनाव लड़ेंगी।
इसी दौरान कुशवाहा की लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव से मुलाकात हुई थी, जिसे दोनों ने अचानक आमने-सामने आने के कारण महज औपचारिकता के तौर पर की गई मुलाकात बताया था। लेकिन अब रालोसपा का रुख देखकर इस मुलाकात के निहितार्थ कुछ और ही दिखाई देने लगे हैं।