बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन सरकार की प्रमुख घटक और लालू यादव की पार्टी राजद के नेताओं में खटपट बढ़ रही है। बिहार राजद अध्यक्ष जगदानंद सिंह डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के बढ़ते दखल से खफा हैं। जगदा बाबू पिछले डेढ़ माह से पटना स्थित प्रदेश राजद कार्यालय नहीं जा रहे हैं।
बात यह है कि जगदानंद सिंह बिहार के कृषि मंत्री पद से अपने बेटे सुधाकर सिंह के इस्तीफे से खफा हैं। इसी कारण उनकी पार्टी के प्रति बेरुखी बढ़ रही है। उनके और लालू यादव के परिवार के बीच रिश्तों में तल्खी पहले भी सामने आई थी। तेजस्वी और तेज प्रताप यादव के साथ उनकी पहले भी तकरार हो चुकी है। फिलहाल जगदा बाबू इतने खफा हैं कि उन्होंने दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में भी भाग नहीं लिया था।
जगदानंद सिंह अपनी ही पार्टी व शीर्ष नेताओं से किस कदर नाराज हैं, इसका संकेत इस बात से मिलता है कि वे शुक्रवार को पटना में थे, फिर भी पार्टी कार्यालय नहीं पहुंचे और वहां मौजूद नेता व कार्यकर्ता इंतजार करते रह गए।
तेजस्वी यादव संभाल रहे कामकाज
जगदा बाबू की नाराजगी दूर करने की बजाए बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने पार्टी के कागजात अपने निवास पर बुलाकर उनका निपटारा करना शुरू कर दिया है। हालांकि, न तो तेजस्वी यादव और न ही राजद की ओर से सिंह को लेकर कोई प्रतिक्रिया दी जा रही है और न ही नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कोई सुगबुगाहट है।
पार्टी का कामकाज ठप
प्रदेश अध्यक्ष सिंह की नाराजगी के चलते राजद की बिहार इकाई का कामकाज ठप हो गया है। कई रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं और विस्तार का काम भी ठप है। इसी कारण राजद की प्रदेश कमेटी बनने में बाधा आ रही है। जिलों में भी पार्टी संगठन का गठन नहीं हो रहा है। हालांकि राजद नेता श्याम रजक, पूर्व मंत्री वृशिण पटेल व अन्य को उम्मीद है कि जगदानंद सिंह की नाराजी जल्द दूर कर ली जाएगी और वे दफ्तर में बैठने लगेंगे।