बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने गुरुवार, सात मई को एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने एक चार्ट भी शेयर किया है। चार्ट में साफ तौर पर बताया गया है कि बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 549 हो गई है जिनमें से 445 लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखा है, जबकि 59 लोगों में लक्षण देखे गए, वहीं 43 लोगों का टेस्ट रिजल्ट अभी आया नहीं है।
यह स्थिति बहुत ही गंभीर है, क्योंकि कोरोना महामारी में जब किसी में लक्षण दिखता है तो उसका टेस्ट होता है और उसे क्वारंटीन किया जाता है, लेकिन संक्रमण ना दिखने की स्थिति में समस्या गंभीर हो सकती है, क्योंकि अनजाने में संक्रमण कई लोगों में फैल जाएगा और इसकी भनक तक किसी को नहीं लगेगी।
यह महज एक संयोग ही कहा जाएगा कि हाईरिस्क कॉन्टेक्ट वाले मरीजों की जांच हुई तो वे पॉजिटिव निकले, जबकि इनमें कोई लक्षण नहीं था। 445 लोगों में कोई लक्षण ही नहीं दिखा है लेकिन टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव है। स्थिति बिहार सरकार के लिए बड़ी चेतावनी है। बिहार में कोरोना संक्रमितों में महिला और पुरुषों का औसत क्रमशः 36 और 64 फीसदी है।
45 फीसदी लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 54 फीसदी लोगों का इलाज चल रहा है। एक फीसदी लोगों की मृत्यु हुई है। बिहार में कोरोना संक्रमितों में 0-20 साल के लोगों की संख्या सर्वाधिक 163 है, जबकि 60 साल और इससे अधिक उम्र के मरीजों की संख्या 26 है। राज्य में संक्रमितों की औसत उम्र 30 है।