बिहार के मधेपुरा जन नायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के विभिन्न वार्डों में चार दिनों से बिजली नहीं है। बीते तीन दिनों से अस्पताल में लगाए गए 500 और 1000 किलोवाट के तीन डीजी सेट से लगातार काम लिया जा रहा था। लेकिन 31 जुलाई की शाम सात बजे के बाद डीजी ने भी जवाब दे दिया। इस वजह से पूरे मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में अंधेरा छा गया। इससे मरीजों और तीमारदारों के बीच अफरातफरी मच गई। लोग गंभीर मरीजों को लेकर भागने लगे। जो मरीज भाग नहीं सकते थे, परिजन उनका मोबाइल की रोशनी के सहारे इलाज करवाते देखे गए।
जनरेटर मंगवाकर की अहले सुबह की गई वैकल्पिक बिजली की व्यवस्था
डीएम के एक्शन पर हुई बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था
इस मामले को लेकर करीब 10:30 बजे रात में जिलाधिकारी से बात की गई। उन्होंने जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की बात कही। इस बीच जिला प्रशासन की ओर से सदर एसडीएम समेत दो अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। फिर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर रात करीब दो बजे के बाद तक स्थानीय टेंट हाउस संचालकों से बड़े-बड़े जेनरेटर मंगवाए गए। उसके बाद अहले सुबह तीन बजे तक कुछ भागों में बिजली सेवा बहाल की गई।