पटना में सरदार पटेल भवन की बिहार मौसम सेवा केंद्र की शुरुआत हो गई। सीएम नीतीश कुमार ने इसका शुभारंभ किया। सीएम ने मौसम सेवा केंद्र के कार्यालय विभिन्न भागों- वर्क स्टेशन, हेल्पडेस्क, स्वचालित वर्षा मापक यंत्र, सर्वर रूम आदि का निरीक्षण किया और वहां की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार मौसम सेवा केंद्र का शुभारंभ के लिए मौसम वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि उच्च कोटि की कार्यकुशलता के साथ वह निरंतर कार्य करते रहेंगे। इसके माध्यम से पंचायत स्तर तक मौसम संबंधी पूर्वानुमान का कार्य बेहतर ढंग से किया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर राजस्व ग्राम स्तर तक किया जाय ताकि प्रत्येक गांव के किसान इसका समुचित लाभ ले सकें। मौसम पूर्वानुमान की सटीक जानकारी होने से राज्य में किसानों को खेती में सुविधा होगी साथ ही बीजों की बुआई और फसलों की कटाई आदि कार्यों को सही समय पर कर सकेंगे। बिहार में हर वर्ष बाढ़, सुखाड़, शीतलहर, लू, चक्रवातीय तूफान, वज्रपात आदि प्राकृतिक आपदाओं के कारण जान-माल की क्षति होती है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं के पूर्वानुमान की सूचना प्रसारित कर लोगों को सतर्क किया जाएगा जिससे कम-से-कम क्षति होगी।
पंचायत स्तर पर वर्षामापक केन्द्र की स्थापना
इसके बाद बिहार मौसम सेवा केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं संयुक्त निदेशक (तकनीकी) डॉ. CN प्रभु ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार मौसम सेवा केंद्र की गतिविधियों एवं सेवाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर प्रखंड के स्तर पर स्वचालित मौसम केंद्र और पंचायत स्तर पर वर्षामापक केन्द्र की स्थापना की गई है। जिसके माध्यम से वर्षा, तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और दिशा तथा वायुमंडलीय दाब के संबंधी आंकड़े एकत्र किए जाते हैं। आंकड़ों को संबंधित विभागों जैसे कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन तथा अन्य विभागों के साथ - साथ जिलों को भी उपलब्ध कराई जा रही है जिससे किसान एवं आम लोग लाभान्वित हो रहे हैं।