वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2025 पेश करने के बाद बिहार में सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं ने बजट की खूब तारीफ की। वहीं महागठबंधन ने नेताओं ने बजट को लेकर एनडीए सरकार को जमकर कोसा। आइए जानते हैं बजट पर किसने क्या कहा? केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने बजट की घोषणाओं का स्वागत किया। पासवान ने एक पोस्ट में कहा कि बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान की स्थापना से पूरे पूर्वी क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा
जनता दल यूनाईटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा का स्वागत किया। कहा कि यह किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर प्रदान करेगा। सांसद संजय झा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह मिथिला और बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा। यह पहल उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार करेगी, जिससे मिथिला और बिहार में आर्थिक विकास होगा।
किसान हित में उठाया गया सबसे बड़ा कदम
बिहार में मखाना बोर्ड और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना की घोषणा के लिए कृषि व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी का आभार जताया है। कहा कि इससे बिहार के किसानों की आर्थिक स्थिति बदलेगी व किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी। छोटे किसानों और व्यापारियों को फायदा होगा। किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की लिमिट तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख करना किसान हित में उठाया गया सबसे बड़ा कदम है।
ऋतुराज सिन्हा बोले- यह बजट वरदान साबित होने वाला है
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट की प्रशंसा करते हुए इसे बिहार के विकास के लिए ऐतिहासिक और वरदान साबित होने वाला बताया है। उन्होंने बिहार की आवश्यकताओं और संभावनाओं को प्राथमिकता देने के लिए नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। बजट में बिहार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं, जिनमें बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना शामिल है। यह न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा, बल्कि बिहार के पारंपरिक एवं प्रसिद्ध मखाना को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक होगा।
कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार किसान विरोधी है
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस बजट ने बता दिया कि मोदी सरकार किसान विरोधी है। आज देश में किसानों की आत्महत्या सबसे बड़ा मुद्दा है। अलग-अलग राज्यों में आत्महत्याओं की संख्या बढ़ती जा रही है। देश के किसान को एमएसपी चाहिए। उन्हें 'क्रेडिट फैसिलिटी' नहीं, बल्कि कर्जमाफी चाहिए। किसान सरकार से बात करना चाहते हैं। पहले वे दिल्ली के बॉर्डर पर एक साल से ज्यादा तक बैठे रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब फिर से किसान बात करना चाहते हैं, लेकिन सरकार उनसे बातचीत नहीं कर रही है। वहीं कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला ने कहा कि बजट में वित्त मंत्री ने बिहार को काफी तवज्जो दी है। हम तेलंगाना जैसे राज्यों के लिए भी इसी तरह के व्यवहार की आशा कर रहे हैं जिन्हें महत्व की आवश्यकता है। हम देखेंगे कि बजट की कुल गहराई क्या है? मुझे लगता है कि इसका कोई राजनीतिक एजेंडा है।