बिहार में बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने में हो रही परेशानियों को लेकर छात्र नेता दिलीप कुमार ने आयोग और सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) में सुधार का विकल्प नहीं मिल रहा है। इसके अलावा दस्तावेज अपलोड करने और सर्वर की समस्या के कारण भी अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने आयोग से इन समस्याओं को दूर करने और अभ्यर्थियों को कम से कम दो दिनों तक फॉर्म में सुधार का अवसर देने की मांग की है।
OTR में एडिट का विकल्प देने की मांग
दिलीप कुमार ने कहा कि टीआरई-4 के आवेदन के दौरान कई अभ्यर्थियों को ओटीआर में जानकारी एडिट करने में परेशानी हो रही है। कई बार दस्तावेज अपलोड नहीं हो रहे हैं और सर्वर धीमा होने या काम नहीं करने से आवेदन प्रक्रिया बाधित हो रही है। ऐसे में अभ्यर्थियों को अपनी गलतियां सुधारने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बीपीएससी से मांग की कि ओटीआर में एडिट का विकल्प उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, फॉर्म भरने के दौरान होने वाली तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर किया जाए। आवेदन प्रक्रिया में कम से कम दो दिनों का एडिट विंडो दिया जाए, ताकि अभ्यर्थी अपनी गलतियों को सुधार सकें और किसी तकनीकी परेशानी के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर न हों।
EWS और NCL प्रमाणपत्र बनवाने में भी परेशानी
छात्र नेता ने कहा कि अभ्यर्थियों को ईडब्ल्यूएस और एनसीएल प्रमाणपत्र बनवाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर प्रमाणपत्र नहीं बन पाने के कारण अभ्यर्थियों के सामने आवेदन से जुड़ी समस्याएं खड़ी हो रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अभ्यर्थियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने और उन्हें उचित सहायता देने की अपील की। उन्होंने बीपीएससी टीआरई-4 में एक वर्षीय बीएड से संबंधित अभ्यर्थियों की समस्याओं का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि सरकार और आयोग को इन विसंगतियों पर संज्ञान लेकर उचित समाधान निकालना चाहिए।
सभी श्रेणियों में सीटें बढ़ाने की मांग
दिलीप कुमार ने शिक्षक भर्ती के तहत कक्षा एक से पांच, छह से आठ, नौ से दस और 11वीं से 12वीं तक के सभी स्तरों पर रिक्तियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीआरई-4 का विज्ञापन जारी कराने से लेकर आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति तक के लिए अभ्यर्थियों को लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि अभ्यर्थी एकजुट रहें और अपनी मांगों को मजबूती से उठाएं।
'एकजुट नहीं हुए तो 2030-31 तक लटक सकती हैं रिक्तियां'
दिलीप कुमार ने अभ्यर्थियों से एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। उन्होंने आशंका जताई कि यदि अभ्यर्थी एकजुट होकर अपनी मांगें नहीं उठाते हैं, तो रिक्तियों और भर्ती प्रक्रिया में देरी हो सकती है। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में रिक्तियां 2030-31 तक खिंच सकती हैं या प्रक्रिया स्थगित भी हो सकती है।
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लड़ रहे एमएलसी चुनाव
छात्र नेता दिलीप कुमार ने बताया कि वह दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद का चुनाव लड़ रहे हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में बेगूसराय, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जिले शामिल हैं। उन्होंने मतदाताओं से चुनाव में समर्थन देने की अपील की। उन्होंने बताया कि मतदान 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक होगा। उनके अनुसार, मतदाता अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर जाकर वोट डाल सकेंगे। उन्होंने मतदान प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि मतपत्र पर उनके नाम के सामने क्रम संख्या 21 होगी।
क्रम संख्या 21 पर प्रथम वरीयता का वोट देने की अपील
दिलीप कुमार ने मतदाताओं से अपील की कि वह मतपत्र पर उनके नाम और क्रम संख्या 21 की पहचान कर उन्हें प्रथम वरीयता का वोट दें। उन्होंने मतदान के तरीके के बारे में बताते हुए कहा कि मतपत्र पर निर्धारित बॉक्स में निर्देशों के अनुसार अंक '1' स्पष्ट रूप से लिखना होगा। उन्होंने बॉक्स की सीमारेखा को नहीं छूने और मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराए गए पेन का इस्तेमाल करने की सलाह दी। दिलीप कुमार ने कहा कि वह अभ्यर्थियों और युवाओं की समस्याओं को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाना चाहते हैं।