शहर की सड़कों पर अचानक सायरन की आवाज गूंजेगी और 15 मिनट के लिए पूरे शहर में अंधेरा छा जाएगा। लेकिन आप घबराइए नहीं, क्योंकि यह कोई संकट नहीं बल्कि पटना के डीएम त्यागराजन एसएम के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल होगा। इस दौरान शहर की स्ट्रीट लाइट्स और बिजली की सप्लाई अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, दुकानदारों और व्यावसायिक संस्थानों से अपील की है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों की लाइटें उस समय पूरी तरह से बंद रखें।
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15 मिनट तक छाया रहेगा घुप्प अंधेरा
प्रशासन ने घोषणा की है कि 14 मई की शाम ठीक 7 बजे से 7:15 बजे तक पूरे शहर में ब्लैकआउट हो जाएगा और फिर सुरक्षा अभ्यास किया जाएगा। इस संबंध में जिला प्रशासन का कहना है कि यह अभ्यास किसी संभावित हवाई हमले या युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और प्रशासन की मुस्तैदी को जांचना है। इस संबंध में पटना के डीएम त्यागराजन एसएम ने कहा कि ब्लैकआउट का उद्देश्य रात के समय दुश्मन के विमानों को रोशनी के जरिए शहर की सटीक लोकेशन पहचानने से रोकना होता है। यह अभ्यास हमें भविष्य की किसी भी चुनौती के लिए मानसिक और प्रशासनिक रूप से तैयार करेगा।
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सायरन बजते ही क्या करें ?
इस संबंध में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शाम 7 बजे जैसे ही सायरन की आवाज सुनाई दे, अपने घर और दुकान की बिजली बंद कर दें। क्यों कि यह सिर्फ एक सुरक्षा अभ्यास है, इसलिए डरने की आवश्यकता नहीं है। कृपया पैनिक न हों। साथ ही 15 मिनट के इस अभ्यास के दौरान नागरिक सुरक्षा नियमों का पालन करें और जहाँ हैं वहीं सुरक्षित रहें।
सड़कों पर तैनात रहेगी प्रशासन की टीम
इस मॉक ड्रिल को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और सिविल डिफेंस की टीमें सड़कों पर तैनात रहेंगी। डीएम ने शहरवासियों से इस राष्ट्रहित और सुरक्षा से जुड़े अभ्यास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है ताकि आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने का प्रशिक्षण प्रभावी ढंग से पूरा हो सके।