फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: पति की मौत की खबर बर्दाश्त नहीं कर पायी पत्नी, फंदे से झूलकर दी जान; एक साथ हुआ दोनों का अंतिम संस्कार

Thu, 26 Dec 2024 09:15 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया

सार

Purnea News: ऐसी घटना अक्सर फिल्मों में देखने को मिलती है। दोनों की अर्थी एक साथ उठने के साथ ही उन्होंने जीने मरने की कसम को सार्थक कर दिया। एक साथ दो-दो अर्थी उठते देख लोगों की आंखें नम हो गईं। 
विज्ञापन
एक साथ उठी पति और पत्नी की अर्थी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्णिया से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक पत्नी अपने पति की मौत की खबर बर्दाश्त नहीं कर पाई। उसने फंदे से झूलकर अपनी जान दे दी। इसके बाद पति-पत्नी की एक साथ अर्थी उठी। घटना पूर्णिया जिले की जलालगढ़ थानाक्षेत्र के हांसी बेगमपुर पंचायत की है। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। बुधवार को दोनों पति-पत्नी मनीष कुमार मंडल व गूंजा के शव का अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी के अनुसार, हांसी बेगमपुर पंचायत के हांसी गांव के बिनोद मंडल का पुत्र मनीष कुमार मंडल और उसके ससुर सुबोध मंडल पंजाब में मजदूर भेजने का काम मिलकर करते थे। इसी सिलसिले में लेबर को पंजाब भेजने के लिए दोनों ससुर-दामाद और गूंजा के मामा समेत तीन लोग बाइक से कटिहार के पोठिया गए थे।

विज्ञापन


बेटा के साथ बहू को भी परिवार ने खो दिया
मंगलवार की शाम शौचालय टैंकर की चपेट में आने से मनीष व मामा की मौत हो गयी। परिजनों ने बताया कि मनीष की मौत की खबर सुनकर पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गयी।  इसी बीच पत्नी गूंजा कब नजरों से ओझल हो गयी, किसी को पता ही नहीं चला। कुछ देर बाद जब गूंजा की अनुपस्थिति जानकारी हुई तो आननफानन में उसे खोजने लगे। खोजते हुए जब खेत में पहुंचे तो जीएल के पेड़ में फंदा से लटकी हुई थी। उसे तुरंत उतारा गया। तब तक काफी देर हो गयी थी। बेटा के साथ बहू को भी परिवार ने खो दिया।

ऐसी घटना अक्सर फिल्मों में देखने को मिलती है
बुधवार को दोनों पति-पत्नी मनीष कुमार मंडल व गूंजा की अर्थी एक साथ उठी तो पूरा गांव गमगीन हो गया। दोनों की अर्थी घर से श्मशान घाट के लिए निकली तो सड़क के किनारे शोकाकुल ग्रामीणों का तांता लग गया। एक साथ एक ही चिता पर लिटा कर दोनों पति-पत्नी का दाह संस्कार किया। लोगों का कहना है कि ऐसी घटना अक्सर फिल्मों में देखने को मिलती है। दोनों की अर्थी एक साथ उठने के साथ ही उन्होंने जीने मरने की कसम को सार्थक कर दिया। इधर, मनीष के ससुर और गूंजा के पिता सुबोध मंडल इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हैं। परिजनों ने बताया कि उनका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है। मृत दंपती मनीष कुमार मंडल और गूंजा के छह माह का एक बेटा और चार साल के एक बेटा हैं। श्मशान घाट में चार साल का मासूम बेटा जब मुखाग्नि देने के लिए सामने आया तो पूरा हांसी बेगमपुर रो पड़ा। मौत के बाद पूरा गांव गमगीन है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें