फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: कटिहार में सॉल्वर गैंग के दो संदिग्ध गिरफ्तार, पुलिस सिपाही भर्ती में 'सेटिंग' के आरोपों की जांच तेज

Sun, 19 Jul 2026 06:13 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटिहार

सार

कटिहार पुलिस ने सॉल्वर गैंग के दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 100 से अधिक मूल प्रमाण पत्र, एडमिट कार्ड, ब्लैंक चेक और कारतूस मिले। पुलिस भर्ती में 10 लाख रुपये लेकर सेटिंग कराने के आरोपों की जांच जारी है।

विज्ञापन
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार में पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कटिहार पुलिस ने कुर्सेला थाना क्षेत्र के महेशपुर इलाके से सॉल्वर गैंग के दो संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों की भूमिका हाल में आयोजित बिहार पुलिस सिपाही भर्ती और मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा में भी जांच के दायरे में आ गई है।

कटिहार के एसपी परिचय कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी वाहन जांच के दौरान हुई। पुलिस को देखकर बाइक सवार दोनों युवक भागने लगे, लेकिन पीछा कर उन्हें पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्णिया निवासी सोनू कुमार और साहिल कुमार के रूप में हुई है।

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 100 से अधिक मैट्रिक के मूल प्रमाण पत्र, कई अभ्यर्थियों के अन्य मूल दस्तावेज, विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चेक, 500 रुपये के स्टांप पेपर, छह जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के कई एडमिट कार्ड बरामद किए हैं।

पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी पटना निवासी सुजीत तथा पूर्णिया निवासी मिथुन कुमार और संजय कुमार के साथ मिलकर भर्ती परीक्षाओं में कथित तौर पर 'सेटिंग' कराने का नेटवर्क चला रहे थे। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि अभ्यर्थियों से पुलिस भर्ती में चयन कराने के नाम पर 10-10 लाख रुपये तक की डील की जाती थी।

विज्ञापन


पढे़ं: बिहार में एक साथ 551 आदर्श विद्यालयों का उद्घाटन, 4 लाख बच्चों को मिलेगा लाभ; CM सम्राट का तोहफा

एसपी परिचय कुमार ने बताया कि जांच के दौरान पूर्णिया के दो अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें से एक के पुलिस विभाग में कार्यरत होने की चर्चा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है।

पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आरोपियों ने वास्तव में किसी अभ्यर्थी की भर्ती में सेटिंग कराई थी या नहीं। हालांकि, बरामद दस्तावेजों और शुरुआती पूछताछ के आधार पर दोनों को सॉल्वर गैंग का संदिग्ध सदस्य मानते हुए पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह से और कौन-कौन जुड़े हैं, कितने अभ्यर्थियों से पैसे लिए गए और भर्ती परीक्षाओं में इस नेटवर्क की वास्तविक भूमिका क्या रही।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें