ये है पूनम कुमारी और नाजिया आफरीन। बिहटा के कोरहड़ गांव की रहने वाली पूनम पांचवी कक्षा की छात्रा हैं। इनके पिता भरोसन मांझी मजदूर हैं।
जबकि नाजिया आफरीन वोमेन कालेज गुलजारबाग में बीए प्रथम बर्ष की छात्रा हैं। इनके पिता कपड़े सिलने वाले टेलर हैं और पटना के पास ही महेन्द्रु में रहते है।
बिहार की इन दोनों बेटियों को संयुक्त राष्ट्रसंघ में व्याख्यान देने का मौका मिला है। जिसका विषय है 'युवाओं के सपनों की दुनिया कैसी है'।
यूएनओ में व्याख्यान के लिए चयनित होने के बाद पूनम और नाजिया ने बुलंद हौसलों के साथ कहा कि वे वहां बिहार का परचम लहराएंगी।
सितम्बर के तीसरे सप्ताह में होने वाले इस व्याख्यान के लिए आज पूनम और नाजिया न्यूयार्क के लिए रवाना हो गईं।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्रसंघ ने एक प्रोग्राम मिलेनियम डेवलपमेंट गोल-2015 के तहत एक सर्वेक्षण कराया था जो छह साल के बच्चों और युवाओं के बीच किया गया।
इसमें राष्ट्रीय स्तर पर यूएनओ में अपनी बात रखने के लिए 11 बच्चों और युवाओं का चयन किया गया। इसमें बिहार की पूनम और नाजिया भी शामिल हैं।