इस वजह से ऑनलाइन पढ़ाई ज्यादा बेहतर है
रोजगार विथ अंकित के डायरेक्टर अंकित भाटी ने बताया कि हर चीज के सकारात्मक और नकारात्मक पहलू हैं। मोबाइल से बच्चे गलत चीज भी देखते और सीखते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अगर बच्चा 12वीं पास कर लेता है और अगर वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना शुरू कर देता है, तो वह बच्चा मोबाइल से पढ़ाई ही करता है, न कि टाइम पास। कोरोना काल में जब सब कुछ बंद सा हो गया था, उस समय ऑनलाइन पढ़ाई की शुरुआत हुई थी। उस समय ऐसा नहीं लगा था कि ऑनलाइन पढ़ाई इतनी कारगर होगी, लेकिन ऑनलाइन क्लासेस ने जब रफ़्तार पकड़ी तो आज ऑफलाइन ट्यूशन को बहुत पीछे छोड़ दिया। ऑनलाइन पढ़ाई करने के बाद उनको ऐसा लगा कि मैं अगर एक बड़े शहर में जाता हूं, तो वहां रहने खाने-पीने में एक बड़ी रकम खर्च होती है, फिर इतनी मेहनत करता हूं, लेकिन इसके बाद भी यह निश्चित नहीं है कि सरकारी नौकरी हो ही जाएगी। ऐसे में बच्चा वह विकल्प ढूंढने लगता है कि ऐसा क्या करें जिससे कम खर्च में पढ़ाई हो सके ताकि सफलता हासिल की जा सके। ऐसे में घर में रहकर ऑनलाइन पढ़ना ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है।
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इस तरह से की थी पढ़ाई की शुरुआत
रोजगार विथ अंकित के डायरेक्टर अंकित भाटी ने बताया कि मैं विदेश मंत्रालय में नौकरी करता था। ड्यूटी से लौटने के बाद मैं ऑफलाइन पढ़ाता था। इसी बीच एक लड़के ने मुझे यूट्यूब बनाने की सलाह दी। उस समय मुझे नहीं पता था कि यूयट्यूब पर क्या और कैसे होता है। उस लड़के ने 2018 में यूट्यूब चैनल बना दिया और फिर मेरा वीडियो बना-बनाकर डालने भी लगा। दो साल तक मैं अकेले काम करता रहा, तब तक पांच छह लाख बच्चे जुड़ गये थे, लेकिन दो साल बाद 2020 में जैसे ही कोरोना आया, तब बच्चे और विषयों की डिमांड करने लगे। तब मुझे विषयवार शिक्षक लाने पड़े। मैं लगातार दो साल तक बिना फीस के पढाया, लेकिन जब तीन शिक्षक जुड़े तब मैंने फीस लेनी शुरू कर दी। चैनल बनाने के दो महीने बाद उस लड़के ने मुझे बताया कि चैनल से पैसे भी आते हैं। फिर 6 महीने बाद जब सब्सक्राइबर 50 हजार हो गया तब उस लड़के ने मोनेटाईज भी करा दिया। मोनेटाईज होने के बाद यूट्यूब ने पहली बार साढ़े पांच हजार रुये भेजे थे, जिसे मैंने उस लड़के को दे दिया। आज हमारे साथ लगभग 85 शिक्षक और लगभग 350 स्टाफ हैं। आज हमारे 2018 में जिस यूट्यूब चैनल पर बना था, उसमें अभी एक करोड़ 53 लाख सब्सक्राइबर हो गया है। आज की तारीख मे अलग-अलग विषयों के कुल दस चैनल हैं जिसको मिलाकर 2 करोड़ 25 लाख सब्सक्राइबर हैं। अंकित भाटिया ने बताया कि बिहार ज्ञान की धरती रही है और मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा।