रामनवमी पर नालंदा जिले के बिहार शरीफ में सांप्रदायिक हिंसा हुईं, जिसके परिणामस्वरूप जान-माल का नुकसान हुआ। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
रामनवमी हिंसा मामले में बिहार पुलिस ने रविवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, रामनवमी पर सांप्रदायिक हिंसा को अंजाम देने के लिए साजिश रची गई थी।
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रामनवमी पर नालंदा जिले के बिहार शरीफ में सांप्रदायिक हिंसा हुईं, जिसके परिणामस्वरूप जान-माल का नुकसान हुआ। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबरस्पेस की गहन जांच की गई। पुलिस के अनुसार, अभी तक की जांच में सामने आया है कि कुछ निहित स्वार्थ समूहों ने सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने की कोशिश की और रामनवमी उत्सव के दौरान पूर्व नियोजित तरीके से हिंसा को भड़काया गया। साथ ही सोशल मीडिया पर एक समुदाय के खिलाफ कई फर्जी और भ्रामक पोस्ट साझा की गई।
ईओडब्ल्यू ने किया मामला दर्ज
रामनवमी पर हिंसा मामले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पुलिस ने मनीष कुमार, तुषार कुमार तांती, धर्मेंद्र मेहता, भूपेंद्र सिंह राणा और निरंजन पांडे के रूप में हैं। जिन फोनों से आरोपियों ने कथित सामग्री अपलोड की थी, उन्हें भी जब्त कर लिया गया है। अभी पुलिस फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का भी गठन किया गया है।
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यह हुई थी घटना
बिहार के नालंदा जिले में रामनवमी समारोह के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान आगजनी और पथराव की घटनाएं हुईं, जिसके कारण कुछ हिस्सों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू की गई थी। पुलिस अभी तक 130 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।