बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'साइबर प्रहार 3.0' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के पहले चरण में 63 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े 5035 संदिग्ध म्यूल खातों का पता लगाया गया। इनमें से 704 खातों का सत्यापन किया गया, जिसके बाद 21 मामलों में एफआईआर दर्ज कर 54 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान 22 ऐसी बैंक शाखाओं की पहचान की गई है, जहां सबसे अधिक 3113 संदिग्ध म्यूल खाते खोले गए थे। इन शाखाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की ओर से बताया गया कि साइबर प्रहार 3.0 के तहत की गई जांच में पुलिस ने करीब 63 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े 5035 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों का पता लगाया है। इन खातों की पड़ताल के दौरान अब तक 704 खातों का सत्यापन पूरा किया गया, जिसके आधार पर विभिन्न जिलों में कार्रवाई करते हुए 54 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि बाकी मामलों की जांच संबंधित साइबर थानों में जारी है। जांच के दौरान 22 ऐसी बैंक शाखाएं भी सामने आई हैं, जहां सबसे अधिक 3113 संदिग्ध म्यूल खाते खोले जाने की जानकारी मिली है। इन शाखाओं की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले नेटवर्क पर भी शिकंजा
अभियान के दूसरे हिस्से में साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने अवैध वेबसाइटों के जरिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। जांच में ऐसे नेटवर्क से जुड़े 815 संदिग्ध उपयोगकर्ताओं और वितरकों को चिह्नित किया गया। इस मामले में राज्य के विभिन्न जिलों में 41 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और अब तक 67 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्रवाई के दौरान 11 बायोमेट्रिक स्कैनर, सात आइरिस स्कैनर, सिलिकॉन फिंगरप्रिंट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
फर्जी सिम नेटवर्क भी साइबर रडार पर
पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान 162 संदिग्ध सिम एजेंटों की भी पहचान की गई है, जिनकी गतिविधियों की जांच जारी है। वहीं, मधुबनी में सिम बॉक्स नेटवर्क का खुलासा करते हुए सात सिम बॉक्स, 167 मोबाइल फोन और 44 सिम कार्ड बरामद किए गए। इस मामले में चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं बच्चों से संबंधित अश्लील और शोषणकारी ऑनलाइन सामग्री के मामलों में पटना, वैशाली और मुजफ्फरपुर में चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच की जा रही है।