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Train Accident : नीतीश को फिर याद आया रेल बजट; बोले- मैं रेल मंत्री था तो इस्तीफा दिया था, इनका तो पता नहीं

Mon, 05 Jun 2023 11:27 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : CM नीतीश कुमार ने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस्तीफा देना चाहिए या नहीं, इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। नीतीश कुमार ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज लोग अपने ढंग से प्रचार प्रसार कर रहे हैं।
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सीएम नीतीश कुमार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को रेल बजट याद आता रहता है। बिहार में भाजपा से अलग होने के बाद उन्होंने रेल बजट अलग नहीं रखने पर कई बार केंद्र को आड़े हाथ लिया। इस बार बालासोर ट्रेन हादसे के बाद भी उन्होंने वही बात दुहराई है। उन्होंने कहा कि पहले रेलवे का बजट अलग से होता था। रात भर हाउस में इसके लिए काम होता था। जब बजट पेश होता था कि इतना ज्यादा आकर्षित होता था। लेकिन, नई सरकार (नरेंद्र मोदी सरकार) जब से आई है तो रेलवे का बजट ही खत्म कर दिया। इन लोगों को कोई सेंस नहीं है। प्रधानमंत्री को सोचना चाहिए कि हमलोगों ने उनके राज्य में कितना विकास का काम हुआ।

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जितने ही पुराने चीज हैं, सबको यह लोग खत्म कर देंगे
दरअसल, मुख्यमंत्री यह कह रहे थे जब मैं रेलमंत्री था तो गुजरात में रेलवे को लेकर कई विकास के काम किए गए थे। इन सब चीजों को वह याद ही नहीं रखते हैं। मेरे कार्यकाल में जब रेल हादसा हुआ तो मैंने रिजाइन कर दिया था। आज जो हो रहा है, वह अच्छा नहीं लग रहा। मैं कुछ कहता नहीं हूं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस्तीफा देना चाहिए या नहीं, इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। नीतीश कुमार ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज लोग अपने ढंग से प्रचार प्रसार कर रहे हैं। जितने ही पुराने चीज हैं, सबको यह लोग खत्म कर देंगे। यह बातें सीएम नीतीश कुमार सोमवार को पटना में कहीं। 



बंगाल में रेल हादसे के बाद मैंने इस्तीफा दे दिया था
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जब मैं श्रद्धेय अटल बिहार वाजपेई की सरकार में था तो बंगाल में बड़ा सड़क हादसा हुआ था। जब मैं वहां गया तो लाशें देखकर मैं व्यथित हो गया। मुझे इतनी तकलीफ हुई कि मैंने रिजाइन करने बारे में सोचा। इसके बाद मैंने श्रद्धेय अटल बिहार वाजपेई के पास रिजाइन देने गया। उन्होंने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद मेरा मन नहीं मना मैं फिर गया और उनसे कहा कि मुझे अच्छा नहीं लग रहा है। मेरा इस्तीफा देना जरूरी है। आगे चुनाव होने वाला है, मैं जाऊंगा तो मुझे अच्छा नहीं लगेगा। फिर उन्होंने मेरा इस्तीफा स्वीकार किया। डेढ़ साल बाद मुझे फिर रेल मंत्री बनाया गया। मैंने काफी काम किया। इस कारण रेलवे की स्थिति काफी बेहतर हुई। 

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