Bihar : आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को रोजगार करने के लिए प्रधानमंत्री की योजना के तहत मुद्रा लोन दिया जाता है, लेकिन बैंक से उस राशि को निकालने में युवाओं को बैंक खूब चक्कर लगवाती है। इसी मामले में सीबीआई ने बैंक मैनेजर सहित दो को गिरफ्तार किया है।
सासाराम में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान टीम ने यूनियन बैंक के मैनेजर और उनके एक अन्य कथित कर्मचारी को छह हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
मुद्रा लोन के नाम पर मांगी थी रिश्वत
सीबीआई की टीम ने बताया कि शिकायतकर्ता रौशन कुमार ने यूनियन बैंक में मुद्रा लोन के लिए आवेदन किया था। मुद्रा लोन स्वीकृत होने के वावजूद बैंक मैनेजर पीड़ित के खाते में राशि ट्रांसफर नहीं कर रहा था। बैंक द्वारा लगातार टालमटोल किया जा रहा था। पीड़ित ने जब इसकी शिकायत सीबीआई के भ्रष्टाचार निरोधक दल को दी तो विभाग ने पहले शिकायत का सत्यापन किया और फिर भ्रष्ट बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार बैंक मैनेजर ने राशि ट्रांसफर के लिए सात हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। फिर पीड़ित ने योजनाबद्ध तरीके से बैंक मैनेजर को छह हजार रुपए दिए। रिश्वत देते ही सीबीआई की टीम ने बैंक मैनेजर को रंगे हाथ दबोच लिया। इस क्रम में बैंक मैनेजर और सीबीआई टीम के बीच हल्की नोक झोंक भी हुई, जिससे घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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कथित कर्मचारी बैंक में 16 वर्षों से अवैध रूप से कर रहा था कार्य
सीबीआई की टीम ने बताया कि यूनियन बैंक के मैनेजर विजय कुमार एवं एक कथित कर्मचारी विक्की कुमार को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी दी गई थी कि पीड़ित को बैंक द्वारा तीन लाख रुपए का मुद्रा लोन सैंक्शन किया गया था, लेकिन राशि ट्रांसफर के लिए सात हजार रुपए रिश्वत मांगी जा रही थी। वहीं सीबीआई की कार्रवाई के दौरान एक दिलचस्प जानकारी सामने आई। बताया गया कि बैंक मैनेजर के साथ गिरफ्तार एक कथित कर्मचारी विक्की कुमार बीते 16 वर्षों से बैंक में अवैध रूप से कार्य कर रहा था। अब सीबीआई विक्की कुमार के बारे में विस्तृत जानकारी जुटा रही है। जिले में निगरानी विभाग एवं सीबीआई लगातार कार्रवाईकर रही है। बीते दो महीने के अंदर निगरानी विभाग व सीबीआई की यह छठी कार्रवाई है, जिसने जिले के भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है।