पटना में खिचड़ी खाने से अब तक तीन लड़कियों की मौत हो चुकी हैं, जबकि 10 लड़कियां इलाजरत हैं। यह घटना शास्त्रीनगर थाने के पटेलनगर स्थित शेल्टर होम की है। पहली मौत 7 नवंबर को, जबकि दूसरी मौत 10 नवंबर को हुई है। घटना के संबंध में लड़कियों का कहना है कि खिचड़ी खाते ही लड़कियों की तबीयत बिगड़ने लगी। आननफानन में सभी को एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान दो अलग-अलग तारीख में दो लड़कियों की मौत हो गई। तेरह लड़कियों को भर्ती कराया गया था। नौ लड़कियां का अभी इलाज चल रहा है। उनमें दो लड़कियों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। बताया जाता है कि एक लड़की की मौत 7 नवंबर को और दूसरी लड़की की मौत 10 नवंबर को हुई है। तीसरी मौत आज बुधवार को देर शाम हो गई। इन लड़कियों की देखभाल के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से चार काउंसलर रखा गया है। मामले की जांच की जा रही है।
घटना की जानकारी न विभाग के वरीय अधिकारी को दी गई और न मंत्री को
इस मामले में पूछताछ के दौरान इलाजरत लड़की ने बताया कि 7 नवंबर की सुबह खिचड़ी खाने के थोड़ी देर बाद ही उल्टी हाेने लगी। पहले एक और फिर दूसरी और फिर तीसरी, इस तरह से कुल 13 लड़की बीमार हो गई। अचानक उल्टी और दस्त होने की वजह से शेल्टर रूम में अफरातफरी का माहौल हो गया। उल्टी-दस्त से लड़कियां बेहोश होने लगी। लापरवाही ऐसी कि उन सभी का इलाज शेल्टर रूम में ही किया जाने लगा। इसी बीच एक लड़की की मौत हो गई। लेकिन इस बात की जानकारी न तो पुलिस को दी गई और न ही विभागीय पदाधिकारी को दी गई। आननफानन में सभी को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। लड़की ने बताया कि जिस दिन लड़कियों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया, उस दिन एक लड़की की मौत हो गई थी। दूसरी लड़की की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस संबंध में समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बताया कि फूड पॉइजनिंग से एक लड़की मौत हो गई और फिर अन्य दस लड़कियों को पीएमसीएच में भर्ती कराने की सूचना मुझे अभी दी गई है। मदन सहनी ने बताया कि विभाग के अधिकारियों ने मुझे इस घटना की जानकारी नहीं दी थी।