अस्पताल में इलाज कराने आये पीड़ित
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घटना और पुलिस के थर्ड डिग्री को ऐसे समझिये
दरअसल गोराडीह थाना क्षेत्र में अपराधियों ने बीते 14 जून को सुमेश मंडल की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी थी। घटना के बाद आक्रोशिर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया था। जाम को हटाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस दौरान पुलिस ने कुछ चेहरों को चिन्हित कर लिया और फिर रविवार की देर रात को पुलिस ने उन चिन्हित लोगों धनेश्वर दास, अंबेडकर दास, फुलेश्वर दास, संजीत दास, कन्हैया दास और संतोष दास सहित कुल सात लोगों को पूछताछ के नाम पर गिरफ्तार कर लिया। फिर पूछताछ के रूप में उनसब के साथ मारपीट शुरू हो गई। हिरासत में लिए गए लोगों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पूछताछ के क्रम में सबों के साथ पुलिस ने थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस ने किसी के हाथ-पैर बांधकर करंट लगाकर उसकी पिटाई की तो किसी के गुप्तांग में पेट्रोल डालकर न सिर्फ थर्ड डिग्री टॉर्चर किया, बल्कि उसी जिले में हुए गंगाजल की भी याद ताजा कर दी। परिजनों का कहना है कि पुलिस का ऐसा करने के पीछे बस एक ही मंशा थी कि वेलोग हत्या का आरोप स्वीकार कर ले, लेकिन पुलिस अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सकी।
पैर में जमकर हुई है पिटाई
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सिटी एसपी ने कहा- जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
सिटी एसपी श्री राज ने बताया कि यह मामला संज्ञान में आया है, संबंधित एसडीपीओ को जांच के लिए दिया गया है। तथ्य सामने आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
लोगों का सवाल
भागलपुर में इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। इस संबंध में लोगों का कहना है कि शहर में तकनीक अब हाईटेक हो गया है। चौक-चौराहों से लेकर हाजत के अंदर तक बड़े सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, इसके बाद भी थाना के अंदर इस तरह की घटना धड़ल्ले से हो जाना, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठती है।