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School News : एक स्टेज पर उतरे स्कूल के 800 बच्चे, नृत्य-संगीत से दिया वसुधैव कुटुंबकम् का अनूठा संदेश

Sat, 23 Nov 2024 08:11 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Vasudhaiva Kutumbakam : रूस-यूक्रेन, ईरान-इजरायल युद्ध हो या धर्म-जाति के नाम पर लड़ाई, यह गलत है। हम सब मानव हैं। इस संदेश के साथ सेंट माइकल के 800 बच्चों ने 'वसुधैव कुटुंबकम्' पर एक स्टेज पर नौ से ज्यादा कार्यक्रम पेश किए।
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संत माइकल स्कूल के बच्चे। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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डोरेमोन और नोबिता जब स्टेज पर आये तो हिंदी-अंग्रेजी में बात करते हुए संस्कृत का श्लोक पढ़ने लगे तो ओपन ग्राउंड में बैठे सैंकड़ो लोग बातचीत बंद कर पूरा ड्रामा देखने लगे। डोरेमोन ने पृथ्वी की सुंदरता दिखाने के लिए वसुधैव कुटुम्बकम का सहारा लिया था। ऐसे कई अनूठे कार्यक्रमों के जरिये संत माइकल स्कूल के 800 बच्चों ने रूस-यूक्रेन, इरान-इसराइल युद्ध से लेकर धर्म-जाति के नाम पर लड़ाई के सामने मानवता को बड़ा दिखाने का अद्भुत प्रयास किया।

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संत माइकल हाई स्कूल का वार्षिक दिवस समारोह। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
संत माइकल हाई स्कूल का वार्षिक दिवस समारोह मनाया गया, जिसमें शिक्षा, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस साल के विषय वसुधैव  कुटुंबकम, जिसका अर्थ- विश्व एक परिवार है, को एक प्रेरक और विचारशील प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत किया गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि संस्कृत भाषा और पृष्ठभूमि में अंतर के बावजूद हम सभी एक साझा संबंध, मानवता से जुड़े हुए हैं। एक मार्मिक कथन में डोरेमोन ने  दर्शकों को सम्मानित करते हुए कहा कि मानवता का सच्चा सार एकता और आपसी सम्मान में निहित है। उन्होंने कहा कि विविध परंपराओं और विश्वासों के बावजूद सभी लोग एक वैश्विक परिवार का हिस्सा हैं।

संत माइकल हाई स्कूल के वार्षिक दिवस समारोह पर बच्चों की प्रस्तुति।  - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
 समारोह का समापन एक प्रेरक दृश्य के साथ हुआ जिसने शांति सहानुभूति और सहयोग को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया। अपनी रचनात्मक कहानी और जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से इस कार्यक्रम ने यह याद दिलाया हमें अपनी सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाना चाहिए परंतु प्रेम, करुणा तथा आपसी समझदारी को गले लगा कर ही हम जीवन में समरसता ला सकते हैं। इसके अतिरिक्त स्कूल ने न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि खेल कला संगीत आदि जैसे अन्य क्षेत्रों में भी छात्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों का उत्सव मनाया। छात्रों को उनके और असाधारण प्रदर्शन, समर्पण और मेहनत के लिए विशेष मान्यता के साथ सम्मानित किया गया। प्राचार्य ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और सभी छात्रों को उत्कृष्टता के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया। 

पटना - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
 कार्यक्रम की शुरुआत वैशाली के डीएम यशपाल मीणा, पटना उच्च न्यायालय की अधिवक्ता रचना चौधरी के साथ अन्य अतिथियों में रेक्टर -फादर नोर्बर्ट मैनेजेस एस जे, प्रिंसिपल फादर क्रीस्टो सवरिराजन एस जे, प्राथमिक विद्यालय की वाइस प्रिंसिपल सिस्टर मैगदली बेक, हाई स्कूल की वाइस प्रिंसिपल डॉ मारी डि क्रूज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।  
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बच्चों को पुरस्कृत करते वैशाली के डीएम - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
 स्कूल बैंड के द्वारा अतिथियों को गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया। इसके बाद स्कूल गान प्रस्तुत किया गया। अतिथियों को पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया गया। प्रिंसिपल फादर क्रीस्टो सवरिराजन एस जे ने छात्राओं की प्रस्तुतियों पर गर्व करते हुए कहा कि इस वर्ष के बारे में ही नहीं था प्राइसेस समझ के बढ़ावा देने के बारे में भी था। हमारे छात्रों ने वैश्विक परिवार की समृद्धि और विविधता के साथ-साथ शांति और एकता के महत्व को दर्शाने में अद्वितीय कार्य किया। कार्यक्रम के अंतिम में दर्शकों ने खड़े होकर सहाना की और इसकी संदेश की गहराई को महसूस किया।
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