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जहानाबाद भगदड़ : प्रशासनिक अधिकारी समेत 50 को कारण बताओ नोटिस, जिम्मेदार लोगों पर होगी कार्रवाई

Wed, 14 Aug 2024 09:43 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना / जहानाबाद

सार

Bihar : जहानाबाद के मंदिर में हुए भगदड़ मामले में पांच महिलाओं समेत आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी,जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इस मामले में जिला प्रशासंन ने प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी समेत 50 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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जहानाबाद डीएम - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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जहानाबाद के बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में हुए भगदड़ मामले में कुल 50 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसमें सात जिला प्रशासन के अधिकारी हैं, जबकि 43 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। आरोपी पुलिसकर्मियों से यह पूछा गया है कि उनकी उपस्थिति के बाद भी भगदड़ क्यों हुई। इस संबंध में जहानाबाद की डीएम अलंकृता पांडे ने कहा कि जवाब नहीं देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जहानाबाद डीएम अलंकृता पांडे ने बताया कि सात प्रशासनिक अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है कि उस जगह पर जिन दो अधिकारियों को उपस्थित होना चाहिए था वे दोनों उस जगह पर उपस्थित नहीं थे। शेष पांच को कर्तव्य में लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद सभी जिम्मेदार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीएम अलंकृता पांडे ने बताया कि  जिन प्रशासनिक अधिकारियों को  नोटिस किया गया है अधिकारियों में मजिस्ट्रेट, डिप्टी कलेक्टर, उप-विभागीय अधिकारी, ब्लॉक-स्तरीय अधिकारी और एक सिविल सर्जन शामिल हैं।

एसपी ने माना  फूल विक्रेताओं की वजह से हुआ था हादसा 
इस संबंध में एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि जिला पुलिस ने 43 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए  उनसे उनकी उपस्थिति के बावजूद घटना होने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। जांच पूरी होने के बाद उन सभी जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह घटना मंदिर के पास फूल विक्रेताओं और कुछ कांवरियों के बीच झड़प के बाद हुई। उस क्षेत्र से सभी  'विक्रेताओं को हटा दिया गया है। आज से मार्ग पर और मंदिर परिसर के पास अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में मखदुमपुर के पास एक अस्थायी चिकित्सा सुविधा/अस्पताल भी खोला गया है, ताकि घायल लोगों का प्राथमिक इलाज किया जा सके।


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