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Husband Wife : मौत भी इन्हें नहीं कर पाई जुदा, साथ जियेंगे साथ मरेंगे का वादा हुआ पूरा

Mon, 24 Feb 2025 10:47 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Love You : युवाओं का ख़ास साप्ताहिक वैलेंटाइन डे अभी गुजरा है, जिसमें युवा अपने प्रेम और कसमे-वादे का इजहार करते दिखे होंगें। इसी क्रम में एक ऐसी भी तस्वीर देखने को मिली जो किसी अमर प्रेम से कम नहीं। एक बुजुर्ग दंपति ने एक साथ प्राण त्याग दिए।
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दंपति देवव्रत प्रसाद और उनकी पत्नी चंद्रलेखा श्रीवास्तव का प्रोफाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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प्रेम करना और उसे अंतिम सांस तक निभाना बहुत बड़ी बात है। आज के युवा प्यार का इजहार करते हुए साथ जीने -मरने की कसम जरुर खा लेते हैं, लेकिन उस प्यार को निभाना हर किसी से संभव नहीं है। बिहार में एक ऐसा मामला सामने आया है जो प्यार में वादा निभाने वालों पर भरी पड़ रहा है। एक बुजुर्ग दंपति ने साथ जीने और साथ मरने का वादा अंतिम समय तक निभाया। यानी बुजुर्ग के देहांत होने के साथ ही कुछ ही पलों में उनकी पत्नी ने भी प्राण त्याग दिए। यह अमर प्रेम कहानी फ़िल्मी नहीं हकीकत है।  मामला मुजफ्फरपुर जिले की है। दोनों के एक साथ निधन होने के बाद एक ही चिता पर दोनों की अंत्येष्टि हुई। इस तरह शादी के मंडप में साथ में जीने-मरने की कसमें खाने वाले इस दंपती ने रियल लाइफ में भी इसे सच कर दिया। 

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 मुशहरी प्रखंड के गोवरसाही निवासी सेवानिवृत एडीएम देवव्रत प्रसाद (94) और उनकी पत्नी चंद्रलेखा श्रीवास्तव (89) ने एक साथ जीने-मरने की कसम को जीवन के अंतिम सफर तक निभाया। दोनों ने कुछ पलो के अंतराल पर ही एक साथ प्राण त्याग दिए। बेटों ने माता-पिता के इस प्रेम की कड़ी को तब और मजबूत बना दिया, जब उनका अंतिम संस्कार भी एक ही चिता पर मुजफ्फरपुर के मुक्तिधाम में किया। माता-पिता के निधन के बाद उनके दोनों पुत्रों ने एक साथ में संयुक्त रूप से दंपती को मुखाग्नि दी। उनके अंतिम संस्कार में गांव के काफी लोग शामिल हुए। 

इस संबंध में ग्रामीण संजय ओझा बताते हैं कि इस तरह की घटना अक्सर फिल्मों में देखी जाती है, पर यहां पर वास्तविक जीवन में देखा गया। दोनो दंपती के छोटे पुत्र विजय व्रत श्रीवास्तव ने बताया कि पिताजी को सुबह में बड़े भाई धर्मवर्त श्रीवास्तव जब उन्हें नींद से उठाने गए तो उनका निधन हो चुका था। इसके बाद मां को देखने गए तो उन्होंने भी आंखें बंद कर ली। घर के लोग कुछ समझ पाते तब तक उन्होंने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया था और एक साथ माता-पिता के निधन से वह काफी दुखी हैं।

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