पटना जिले दानापुर जेल में शराब बेचने के आरोप में बंद एक कैदी की मौत के बाद लोगों ने जमकर बवाल किया। आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने आगजनी करते हुए सड़क को जाम कर विरोध जताया है। इतना ही नहीं गुस्साए लोगों ने दानापुर थाना का घेराव करते हुए लोगों ने जमकर बवाल काटा। साथ ही हंगामा कर रहे लोगों ने पुलिस पर कई तरह का आरोप लगाया है। मृतक की पहले से तबीयत काफी खराब चल रहा था। जिसे लेकर छोड़ने के लिए कहा गया था। लेकिन, पुलिस ने लोगों की भी बातें नहीं सुनी।
बताया जाता है कि दानापुर के गभतल अनुसूचित जाति टोले के रहने वाले सुनील मांझी को क्विक मोबाइल पुलिस द्वारा छापेमारी करते हुए नौ जून को शराब के नशे की हालत में पकड़ा गया था। जिसे कार्रवाई करने के बाद पुलिस के द्वारा दानापुर जेल भेजा गया था। जेल में अचानक सुनील मांझी की आज रविवार को तबीयत खराब हो गई। स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने हालत गंभीर देख उसे पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की घटना की जानकारी मिलते हैं सुनील मांझी के परिवार वाले और स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
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घटना से गुस्साए लोगों ने दानापुर थाना का घेराव कर हंगामा किया। उसके बाद लोगो ने आगजनी कर सडक जाम कर जमकर विरोध जताया है। उन लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि 10 लोगों ज़ब पकड़ा गया तो उसमे से 8 लोगों से पैसा लेकर पुलिस ने छोड़ दिया। ज़ब उस वक्त सुनील को भी छोड़ने के लिए कहा गया तो पुलिस ने नहीं छोड़ा। जबकि उसका (मृतक) की तबियत ख़राब थी। परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जेल मे भी उससे मिलने नहीं दिया गया। मृतक के परिजनों ने जेलर पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि जब मिलने के लिए गए तो कहा कि उसकी तबीयत ख़राब है। जेलर ने कहा कि शराब बेच कर जो पैसा कमाई हो दो उसका इलाज करा देते है। लोगों ने जेल के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।