प्रशांत ने आरोप लगाया कि पूरे बिहार के 50 लाख दलित-अति पिछड़े परिवारों को जमीन मिलनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक केवल 2.34 लाख परिवारों को ही यह जमीन मिली है और इनमें से भी लगभग एक लाख परिवारों को केवल कागजों पर ही जमीन आवंटित की गई है।
चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में पहुंचे। उन्होंने सीएम नीतीश कुमार के गांव कल्याण बिगहा से 11 मई को जनसुराज पार्टी के एक बड़े अभियान का शुरुआत करने का एलान किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला। कहा कि नीतीश सरकार ने अपने वादों को पूरा नहीं किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से जब से मैंने जनसुराज अभियान शुरू किया है। यह नालंदा की धरती पर मेरी पहली यात्रा है। पिछली बार हम राजगीर में आए थे, तब नीतीश बाबू के साथी थे। आज तीन वर्ष बाद एक बड़े अभियान की शुरुआत करने मैं नालंदा आया हूं।
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प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश बाबू ने 24 नवंबर 2023 को घोषणा की थी कि जातीय जनगणना के आधार पर करीब 94 लाख परिवारों को जो विकास की यात्रा में पिछड़ गए हैं। दो लाख रुपये प्रति परिवार दिए जाएंगे। लेकिन, दो बजट वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी को एक रुपया भी नहीं मिला है। उन्होंने सरकार द्वारा 2006 में की गई घोषणा का भी जिक्र किया। इसमें कहा गया था कि बेघर महादलित परिवारों को तीन डिसमिल जमीन दी जाएगी।
नीतीश कुमार सुशासन के लिए जाने जाते थे
प्रशांत किशोर ने राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्यक्रम में व्याप्त भ्रष्टाचार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लैंड डिजिटलाइजेशन के नाम पर भूमि सुधार का जो कार्यक्रम नीतीश सरकार ने शुरू किया है। उसमें हालात यह है कि कोई घर ऐसा नहीं है जिसमें परिवार में जमीन को लेकर झगड़ा न हो। दाखिल-खारिज में, रसीद कटाने में, जमाबंदी में हर जगह लोगों को 1000, 2000, 25000 रुपये घूस देना पड़ रहा है। प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की वर्तमान स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि 2014-15 में नीतीश कुमार सुशासन के लिए जाने जाते थे। आज वही नीतीश कुमार हैं, जिनकी सरकार अधिकारियों के जंगल राज चलाने के लिए दोषी बताई जा रही है। आज लग रहा है कि नीतीश बाबू की वो हालत नहीं है, शारीरिक-मानसिक तौर पर भी वह इस तरह से अब नहीं दिख रहे हैं कि वो बिहार का नेतृत्व कर सकें।
हमलोग यह नहीं कहते हैं कि आप हम पर भरोसा कीजिए
"जनसुराज पार्टी पर जनता क्यों विश्वास करे?" इस सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि हमलोग यह नहीं कहते हैं कि आप हम पर भरोसा कीजिए, हमको वोट दीजिए। हम तो जन स्वराज में लोगों को यह बता रहे हैं कि आप अपने बच्चों के लिए सजग होइए, ठीक से वोट दीजिए। वोट जिसको देना है दे दीजिए, लेकिन वोट अपने बच्चों के रोजगार और पढ़ाई के लिए दीजिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में जनता का वोट जिस बात के लिए दिया जाता है उसका महत्व है, न कि सिर्फ यह कि वोट किसे दिया जाता है।